
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई वनडे सीरीज के तीसरे और अंतिम मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 27 रन से हरा दिया। लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में जीत के साथ ही इंग्लैंड ने सीरीज पर कब्जा कर लिया। साथ ही, इंग्लैंड ने आठ साल बाद भारतीय टीम को वनडे सीरीज में हराने का कारनामा भी कर दिखाया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 50 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 387 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 50 ओवर में सात विकेट खोकर 360 रन ही बना सकी और लक्ष्य से 27 रन पीछे रह गई।
लॉर्ड्स में रोहित शर्मा ने रचा इतिहास
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 138 रन की यादगार पारी खेली। वह लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे क्रिकेट में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए। वहीं, शुभमन गिल ने 77 और विराट कोहली ने 74 रन बनाए। विराट कोहली ने भी लॉर्ड्स में अपना पहला वनडे अर्धशतक लगाया।
हालांकि, शीर्ष क्रम के शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय मिडिल ऑर्डर पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुआ। ईशान किशन 14, श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले, केएल राहुल 12 और अक्षर पटेल केवल दो रन बनाकर आउट हो गए।
बैटिंग क्रम में बदलाव पड़ा भारी
इस मुकाबले में एक बार फिर भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव देखने को मिला। ईशान किशन को श्रेयस अय्यर से ऊपर भेजने का फैसला टीम प्रबंधन के लिए गलत साबित हुआ। ईशान बड़ी पारी नहीं खेल सके, जबकि श्रेयस अय्यर अपना खाता भी नहीं खोल पाए।
बेन डकेट और जैकब बेथेल ने भारत को किया परेशान
इंग्लैंड की ओर से बेन डकेट ने 135 गेंदों में 141 रन की शानदार पारी खेली, जबकि जैकब बेथेल ने 93 गेंदों में 91 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 192 रन की बड़ी साझेदारी की।
भारतीय गेंदबाजों को पहली सफलता 31वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा ने दिलाई। इसके बाद जो रूट ने तेज बल्लेबाजी करते हुए 48 गेंदों में नाबाद 74 रन बनाए। प्रिंस यादव ने 44वें ओवर में बेन डकेट का विकेट लिया, लेकिन तब तक इंग्लैंड मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।
भारत की हार की दो बड़ी वजहें
भारतीय टीम की हार के पीछे दो प्रमुख कारण सामने आए। पहला, मिडिल ऑर्डर का पूरी तरह से विफल होना और दूसरा, गेंदबाजों का आखिरी 10 ओवर में 120 से अधिक रन लुटाना। यही दोनों कारण भारत की हार का सबसे बड़ा कारण बने।
अब भारतीय टीम को आगामी मुकाबलों में अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में सुधार करना होगा।


