बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट को नई उड़ान: मुख्यमंत्री ने अत्याधुनिक हैंगर का किया उद्घाटन, चार प्रशिक्षुओं को मिला कमर्शियल पायलट लाइसेंस

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री ने शनिवार को पटना स्थित बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट (BFI) के नवनिर्मित अत्याधुनिक हैंगर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर संस्थान से कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले चार प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र और एपॉलेट प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रशिक्षुओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिहार सरकार युवाओं को आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।

चार प्रशिक्षुओं को मिला कमर्शियल पायलट लाइसेंस

समारोह में जिन प्रशिक्षुओं को कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) का प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया, उनमें कैप्टन कुमार धैर्य, कैप्टन सोनल मान सिंह, कर्ण कुमार भारती और कैप्टन जिनियस विवेक शामिल हैं।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कम लागत में विश्वस्तरीय उड़ान प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि विमानन क्षेत्र देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में शामिल है और प्रशिक्षित पायलटों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट कम लागत पर उच्च गुणवत्ता का उड़ान प्रशिक्षण देकर राज्य के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर करियर के अवसर उपलब्ध करा रहा है।

1940 से तैयार कर रहा है पायलट

बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की स्थापना वर्ष 1940 में बिहार फ्लाइंग क्लब के रूप में हुई थी। यह पूर्वी भारत के सबसे पुराने विमानन प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है। पिछले आठ दशकों में यहां से प्रशिक्षित कई पायलट देश-विदेश की एयरलाइनों और विमानन संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

चार आधुनिक विमान से दिया जा रहा प्रशिक्षण

वर्तमान में संस्थान में 24 प्रशिक्षु प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) और 28 प्रशिक्षु कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

प्रशिक्षण के लिए संस्थान के पास चार अत्याधुनिक Cessna 172R प्रशिक्षण विमान उपलब्ध हैं। प्रशिक्षुओं को डीजीसीए के मानकों के अनुरूप ग्राउंड स्कूल, एयर नेविगेशन, मौसम विज्ञान, विमान संचालन, विमान प्रणालियों की जानकारी और व्यावहारिक उड़ान प्रशिक्षण दिया जाता है।

नए हैंगर से बढ़ेगी प्रशिक्षण क्षमता

नवनिर्मित हैंगर के शुरू होने से प्रशिक्षण विमानों की सुरक्षित पार्किंग, रखरखाव, तकनीकी निरीक्षण और मरम्मत की सुविधाएं बेहतर होंगी। इससे संस्थान की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और भविष्य में विमानों की संख्या तथा प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने का रास्ता भी खुलेगा।

मुजफ्फरपुर में बनेगा सैटेलाइट कैंपस

राज्य सरकार ने बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के विस्तार की दिशा में मुजफ्फरपुर हवाईअड्डे पर सैटेलाइट कैंपस स्थापित करने की योजना भी तैयार की है। इसके लिए बिहार सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के बीच आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

सरकार का कहना है कि इस कैंपस के शुरू होने से उत्तर बिहार के युवाओं को अपने क्षेत्र के निकट ही गुणवत्तापूर्ण उड़ान प्रशिक्षण मिलेगा और राज्य में प्रशिक्षित पायलटों की संख्या बढ़ने के साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

बिहार को विमानन हब बनाने की दिशा में कदम

राज्य सरकार ने कहा कि नए हवाईअड्डों के विकास, मौजूदा हवाईअड्डों के विस्तार, क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने और विमानन प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार के जरिए बिहार को पूर्वी भारत के प्रमुख विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का सुदृढ़ीकरण इसी व्यापक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • ये भी पढ़े..

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को समर्पित किए 75 अमृत भारत स्टेशन, भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण को मिली नई गति

    Share Add as a preferred…