
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद पुलिस ने धरना स्थल को खाली कराना भी शुरू कर दिया। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं।
डिंपल यादव ने कहा- लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश
समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सरकार की कार्रवाई की आलोचना करते हुए लिखा कि सोनम वांगचुक को जबरन हटाना केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की भावना पर चोट है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अब शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन भी बर्दाश्त नहीं कर रही है।
संजय सिंह का हमला- सत्ता का अहंकार ज्यादा दिन नहीं चलता
आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन कर रहे व्यक्ति की मांगें सुनने के बजाय उन्हें जबरन अस्पताल भेजा गया।
उन्होंने लिखा कि युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।
तीन छात्र भी 21 दिनों से भूख हड़ताल पर
सोनम वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्र—नेहा, आमीन और मनीष—भी पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
बताया गया है कि:
- नेहा को हाइपोग्लाइसीमिया (ब्लड शुगर कम होने) के कारण अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई है।
- आमीन और मनीष की स्वास्थ्य स्थिति भी लगातार खराब बताई जा रही है।
अभिजीत दीपके बोले- आंदोलन नहीं रुकेगा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक को हटाने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
उन्होंने घोषणा की कि:
- आंदोलन जारी रहेगा।
- 20 जुलाई को संसद मार्च निकाला जाएगा।
- अब केवल शिक्षा मंत्री ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग भी की जाएगी।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सुबह पुलिस जंतर-मंतर पहुंची और सोनम वांगचुक को जबरन उठाकर ले गई।
उनका दावा है कि लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे 60 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता के साथ कठोर व्यवहार किया गया और प्रदर्शनकारियों को यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है।
पुलिस का पक्ष
दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोनम वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई।


