पीएम सूर्यघर योजना को गति देने की तैयारी, भागलपुर में कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों पर जल्द लगेंगे नि:शुल्क सोलर सिस्टम

भागलपुर, 17 जुलाई 2026: प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। योजना के तहत जिले के कुटीर ज्योति (केजे) उपभोक्ताओं के घरों पर नि:शुल्क सोलर सिस्टम लगाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस संबंध में शुक्रवार को समीक्षा भवन में जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें योजना की प्रगति, कार्ययोजना, गुणवत्ता, बैंक ऋण स्वीकृति तथा क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का उद्देश्य सिर्फ लोगों को सौर ऊर्जा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बिजली के खर्च से राहत देना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना का लाभ हर पात्र लाभार्थी तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के लिए नि:शुल्क सोलर सिस्टम लगाने का कार्य चयनित एजेंसी सेनन पंडित को सौंपा गया है। एजेंसी की ओर से जानकारी दी गई कि इंस्टॉलेशन के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री उपलब्ध होने में लगभग तीन से चार दिनों का समय और लगेगा। सामग्री उपलब्ध होते ही जिलेभर में सोलर सिस्टम लगाने का कार्य तेज गति से शुरू कर दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने एजेंसी को निर्देश दिया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना समयबद्ध तरीके से पूरी होनी चाहिए ताकि लाभार्थियों को जल्द से जल्द सौर ऊर्जा का लाभ मिल सके।

बैठक में कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि सोलर सिस्टम की स्थापना निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप ही की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक इंस्टॉलेशन की नियमित निगरानी की जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। यदि कहीं तकनीकी खामी या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सोलर सिस्टम की गुणवत्ता बेहतर होने से उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के बिजली की सुविधा मिलेगी और भविष्य में रखरखाव की समस्याएं भी कम होंगी। इसलिए हर चरण की मॉनिटरिंग गंभीरता से की जानी चाहिए।

बैठक में एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर) उपभोक्ताओं के लिए भुगतान आधारित सोलर सिस्टम स्थापना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में बैंक ऋण स्वीकृति तकनीकी कारणों से प्रभावित हो रही है, जिससे पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलने में देरी हो रही है।

इस पर जिलाधिकारी ने जिले के सभी बैंक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे बिहार सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और पात्र लाभार्थियों के ऋण आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बैंक केवल तकनीकी कारणों का हवाला देकर आवेदन लंबित या अस्वीकृत न करें, बल्कि वास्तविक पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण स्वीकृत करें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, इसलिए सभी विभागों और बैंकिंग संस्थानों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि योजना के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। लाभार्थियों के चयन, तकनीकी निरीक्षण, सामग्री की उपलब्धता, इंस्टॉलेशन तथा गुणवत्ता परीक्षण सहित प्रत्येक चरण की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजना पूरी तरह पारदर्शी तरीके से लागू हो और किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत न मिले।

जिलाधिकारी ने कहा कि सौर ऊर्जा भविष्य की आवश्यकता है। इससे न केवल बिजली की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लाभार्थियों को सोलर सिस्टम के उपयोग, रखरखाव और उससे मिलने वाले लाभों के बारे में भी जागरूक किया जाए, ताकि वे इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।

बैठक में मौजूद अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि सभी आवश्यक तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं और सामग्री उपलब्ध होते ही जिले में बड़े पैमाने पर सोलर सिस्टम लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही बैंकों, संबंधित एजेंसी और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजना के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से भागलपुर जिले में हजारों परिवारों को स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ समय पर पहुंचे और वे बिजली के बढ़ते खर्च से राहत प्राप्त कर आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था का हिस्सा बन सकें। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।

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