
पटना: बिहार के बांका जिले में कथित अवैध बालू खनन और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने शुक्रवार को बिहार, दिल्ली और राजस्थान में एक साथ छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं। यह कार्रवाई करीब 131 करोड़ रुपये के कथित अवैध खनन और धन शोधन मामले से जुड़ी बताई जा रही है।
तीन राज्यों के आठ ठिकानों पर छापेमारी
ईडी की कार्रवाई बिहार के पटना और बांका, दिल्ली तथा राजस्थान के विभिन्न ठिकानों पर की गई। जानकारी के अनुसार, कुल आठ स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान कई डिजिटल दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
2015 से 2023 के बीच अवैध खनन का आरोप
प्रारंभिक जांच के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच बांका जिले में बड़े पैमाने पर निर्धारित सीमा से अधिक बालू खनन किए जाने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी दौरान कथित रूप से करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार हुआ।
131 करोड़ रुपये के अवैध कारोबार की जांच
ईडी के अनुसार, भू-स्थानिक (Geospatial) अध्ययन और अन्य जांच के आधार पर संकेत मिले हैं कि बांका जिले में लगभग 131 करोड़ रुपये मूल्य की बालू का कथित अवैध खनन किया गया। इसी आधार पर धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
कंपनी और कारोबारियों की भूमिका की जांच
जांच के दायरे में एक निजी कंपनी और उससे जुड़े लोगों की भूमिका भी शामिल है। ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अवैध खनन से अर्जित धन का उपयोग किस प्रकार किया गया और क्या इसमें मनी लॉन्ड्रिंग के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है।
जांच जारी, दस्तावेजों की हो रही पड़ताल
ईडी अधिकारियों के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एजेंसी ने इस मामले में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।


