
मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हवेली खड़गपुर झील में शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हो गया। खगड़िया से घूमने आए 15 वर्षीय छात्र केशव कुमार की झील के गहरे कुंड में डूबने से मौत हो गई। सबसे दुखद बात यह रही कि घटना से पहले स्थानीय लोगों ने छात्रों को गहरे पानी में उतरने से मना किया था, लेकिन चेतावनी को नजरअंदाज करना एक मासूम की जान पर भारी पड़ गया।
मृतक केशव कुमार, खगड़िया रेलवे स्टेशन पर पदस्थापित स्टेशन मास्टर लक्ष्मीकांत निराला का इकलौता पुत्र था। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
स्कूल की जगह घूमने पहुंच गए पांच दोस्त
जानकारी के अनुसार, खगड़िया के पांच छात्र शुक्रवार सुबह अपने-अपने घरों से स्कूल जाने की बात कहकर निकले थे। लेकिन स्कूल जाने के बजाय सभी ने मुंगेर की हवेली खड़गपुर झील घूमने का कार्यक्रम बना लिया।
सभी छात्र डीएवी स्कूल, खगड़िया की दसवीं कक्षा के विद्यार्थी बताए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने दी थी चेतावनी
झील के स्पीलवे के पास बने गहरे कुंड में नहाने से पहले वहां मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने सभी छात्रों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यह स्थान बेहद खतरनाक है और यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
इसके बावजूद केशव और उसका साथी गहरे पानी में उतर गए।
एक बचा, दूसरा हमेशा के लिए बिछड़ गया
कुछ ही देर में दोनों गहरे पानी में डूबने लगे। दोस्तों ने गमछा फेंककर बचाने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद एक छात्र बाहर निकल आया, लेकिन केशव का हाथ छूट गया और वह गहरे पानी में समा गया।
गोताखोरों ने निकाला, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद केशव को पानी से बाहर निकाला गया। लोगों ने सीपीआर देकर उसकी सांसें लौटाने की कोशिश की और तत्काल अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया।
लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
दोस्तों ने बताई पूरी घटना
घटना में बच गए छात्र आयुष कुमार ने बताया कि झील देखकर केशव को नहाने का मन हुआ और दोनों पानी में उतर गए।
“अचानक पैर फिसल गया और हम दोनों गहरे पानी में चले गए। दोस्तों ने गमछा फेंका, मैं बाहर आ गया, लेकिन केशव का हाथ छूट गया और वह पानी में डूब गया।”
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
हवेली खड़गपुर थाना अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और मामले की जांच जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हवेली खड़गपुर झील पर्यटन और पिकनिक के लिए प्रसिद्ध स्थल है, लेकिन स्पीलवे के पास बने गहरे कुंड में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं।
इस दर्दनाक घटना के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि ऐसे खतरनाक स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, लाइफगार्ड और सुरक्षा निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


