सीतामढ़ी में देश विरोधी नेटवर्क का बड़ा खुलासा? सोशल मीडिया के जरिए विदेशी संपर्क की आशंका, दो युवक गिरफ्तार; कई एजेंसियां जांच में जुटीं

सीतामढ़ी: बिहार के भारत-नेपाल सीमा से सटे सीतामढ़ी जिले में दो युवकों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। गाढ़ा थाना क्षेत्र के टकोर गांव निवासी मोहम्मद अखलाक और मोहम्मद अरमान को देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच बिहार पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियां भी कर रही हैं।

प्रारंभिक जांच में सोशल मीडिया के जरिए विदेशी संपर्क, संदिग्ध व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम ग्रुप तथा युवाओं को कथित रूप से कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करने जैसी आशंकाएं सामने आई हैं। हालांकि, जांच अभी जारी है और इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

टकोर गांव में पसरा सन्नाटा

गिरफ्तारी के बाद टकोर गांव में दहशत और चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों युवक सामान्य परिवार से हैं और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि उन पर इतने गंभीर आरोप लग सकते हैं।

सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों की जांच

जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट, इंस्टाग्राम अकाउंट और अन्य डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे सोशल मीडिया ग्रुप सामने आए हैं, जिनकी प्रोफाइल तस्वीरों में आधुनिक हथियारों की तस्वीरें लगी थीं। आशंका है कि पिछले कुछ महीनों से इन्हीं माध्यमों के जरिए दोनों युवकों से संपर्क किया जा रहा था।

गुजरात में करते थे मजदूरी

जानकारी के अनुसार, मोहम्मद अखलाक और मोहम्मद अरमान गुजरात के एक कारखाने में मजदूरी करते थे। मुहर्रम के दौरान दोनों अपने गांव लौटे थे। बाद में आरा में मजदूरी के लिए गए, लेकिन ठेकेदार से विवाद के बाद वापस गांव आ गए। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में गिरफ्तार कर लिया।

परिजनों ने मांगी निष्पक्ष जांच

दोनों युवकों के परिजनों का कहना है कि वे अधिक पढ़े-लिखे नहीं हैं और मजदूरी करके परिवार चलाते थे। उन्होंने किसी भी देश विरोधी गतिविधि की जानकारी होने से इनकार करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

विदेशी संपर्क की भी जांच

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कुछ डिजिटल संपर्कों के आधार पर पाकिस्तान में बैठे एक व्यक्ति से कथित संपर्क की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या किसी संगठित नेटवर्क के माध्यम से युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है।

ग्रामीणों की अपील

गांव के लोगों ने कहा कि यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर अंजान लोगों और संदिग्ध ग्रुपों से दूरी बनाकर रखें।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

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