CM सम्राट चौधरी पर आपत्तिजनक पोस्ट का मामला: बिहार पुलिस ने X के 10 हैंडल को भेजा नोटिस, 72 घंटे में कंटेंट हटाने का निर्देश

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर कथित रूप से आपत्तिजनक और विवादित सामग्री पोस्ट करने के मामले में बिहार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) ने ऐसे 10 एक्स हैंडल को नोटिस जारी किया है, जिन पर मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री साझा करने का आरोप है। इन हैंडल्स में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का आधिकारिक X हैंडल भी शामिल बताया गया है।

पुलिस ने संबंधित अकाउंट संचालकों को 72 घंटे के भीतर विवादित पोस्ट हटाने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।

72 घंटे में कंटेंट हटाने का निर्देश

साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के संबंधित प्रावधानों के तहत नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा की गई सामग्री कथित रूप से आपत्तिजनक और भ्रामक है, इसलिए उसे 72 घंटे के भीतर हटाया जाए।

यदि निर्देश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित व्यक्तियों और अकाउंट संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

RJD का X हैंडल भी सूची में

बिहार पुलिस की ओर से जारी नोटिस में जिन 10 एक्स हैंडल्स का उल्लेख किया गया है, उनमें आरजेडी का आधिकारिक X अकाउंट भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि मुख्यमंत्री को निशाना बनाकर साझा किए गए कुछ पोस्ट आपत्तिजनक प्रकृति के पाए गए हैं।

हालांकि, इस मामले में संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स या आरजेडी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

साइबर अपराध इकाई ने क्या कहा?

साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (CCSU) के अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक, भ्रामक या कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री प्रसारित होने पर संबंधित प्लेटफॉर्म और अकाउंट संचालकों को नोटिस भेजा जाता है।

अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में भी स्थापित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है और सभी संबंधित पक्षों को जवाब देने का अवसर दिया गया है।

समय पर कार्रवाई नहीं होने पर होगी FIR

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि 72 घंटे के भीतर विवादित सामग्री नहीं हटाई जाती या नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता, तो संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर बढ़ी सख्ती

हाल के समय में बिहार पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक, आपत्तिजनक और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री पर लगातार नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाता है, लेकिन किसी भी व्यक्ति, संस्था या सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस घटनाक्रम के बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर सोशल मीडिया की भूमिका और राजनीतिक दलों की डिजिटल रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नोटिस मिलने के बाद संबंधित एक्स हैंडल्स क्या जवाब देते हैं और आगे इस मामले में क्या कानूनी कार्रवाई होती है।

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