
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार देशभर में कोई भी अभ्यर्थी 720 में 720 अंक हासिल नहीं कर सका। वहीं, बिहार के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
नवादा जिले के वारिसलीगंज निवासी आयुष भालोटिया ने ऑल इंडिया रैंक-4 हासिल कर बिहार का नाम रोशन किया है। वहीं, बिहार की रिया रंजन ने ऑल इंडिया रैंक-6 प्राप्त की है।
आयुष भालोटिया बने बिहार के टॉपर
राज्य के चार छात्रों ने देश के टॉप-138 अभ्यर्थियों में जगह बनाई है। इनमें आयुष भालोटिया ने 710 अंक हासिल कर बिहार के टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है।
अपनी सफलता का राज बताते हुए आयुष ने कहा, “मैंने रोजाना 5 से 7 घंटे सेल्फ स्टडी की और छह घंटे की नियमित कक्षाओं पर पूरा ध्यान दिया। लगातार मेहनत और सही रणनीति की बदौलत ही यह उपलब्धि हासिल हुई।”
बिहार के चार छात्रों ने बनाई टॉप-138 में जगह
बिहार की रिया रंजन ने ऑल इंडिया रैंक-6, रविकांत दीघवार ने रैंक-55 और आदित्य कुमार ने रैंक-73 हासिल की है। इन चारों छात्रों ने 690 से अधिक अंक प्राप्त कर देश के टॉप-138 अभ्यर्थियों में अपनी जगह बनाई है।
वहीं, इस वर्ष पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल ने 715 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
टॉप रैंकर्स में बेटियों का दबदबा
राष्ट्रीय स्तर पर 690 से अधिक अंक हासिल करने वाले 138 अभ्यर्थियों में छात्राओं का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, टॉप-138 में करीब 58 प्रतिशत छात्राएं और 42 प्रतिशत छात्र शामिल हैं।
इस बार मेरिट सूची में बेटियों ने बढ़त बनाई है, जो मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
बढ़ी कट-ऑफ, नहीं मिला किसी को परफेक्ट स्कोर
नीट यूजी 2026 में इस बार सामान्य और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए कट-ऑफ 144 से बढ़कर 213 अंक पहुंच गई है। वहीं, ओबीसी और एससी-एसटी वर्ग के लिए कट-ऑफ 113 से बढ़कर 177 अंक हो गई है।
इस वर्ष 700 से अधिक अंक हासिल करने वाले छात्रों की संख्या सिर्फ 19 रही, जबकि पिछले वर्षों में यह आंकड़ा काफी अधिक था। खास बात यह रही कि इस बार कोई भी अभ्यर्थी 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर सका।
शिक्षाविद आशुतोष झा के अनुसार, इस बार परीक्षा का स्तर पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रहा, जिसके कारण उच्च अंक प्राप्त करना छात्रों के लिए कठिन साबित हुआ।
66 शहरों से आए टॉप अभ्यर्थी
देश के टॉप-138 अभ्यर्थी 66 अलग-अलग शहरों से हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में अब सफलता केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गई है।
शिक्षक आशुतोष झा ने कहा कि छोटे शहरों और राज्यों के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और बिहार के विद्यार्थियों की सफलता इसका बड़ा उदाहरण है।
अब शुरू होगी काउंसलिंग प्रक्रिया
नीट यूजी 2026 का परिणाम जारी होने के बाद अब एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल एवं पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी।
ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा के तहत अभ्यर्थी अपनी रैंक के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए विकल्प भरेंगे। बिहार के सफल छात्रों के लिए भी अब सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।


