
पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी पटना के 150 सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ का शुभारंभ किया गया। इस नई पहल के तहत पहली बार सरकारी स्कूलों के छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पढ़ाई, विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की लाइव क्लास, डिजिटल स्टडी मैटेरियल और NEET-JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
सरकार का दावा है कि यह पहल सरकारी और निजी स्कूलों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता के अंतर को कम करने में मील का पत्थर साबित होगी।
पहले चरण में 150 स्कूल, जल्द 422 विद्यालय होंगे शामिल
शिक्षा विभाग के अनुसार, फिलहाल पटना जिले के 150 सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में यह सुविधा शुरू की गई है। विभाग का लक्ष्य जुलाई के अंत तक राजधानी के सभी 422 सरकारी स्कूलों को इस परियोजना से जोड़ने का है। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे बिहार में लागू किया जाएगा।
क्या है ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’?
इस योजना के तहत एक सेंट्रल स्टूडियो से विषय विशेषज्ञ शिक्षक लाइव पढ़ाई कराएंगे। एक साथ कई स्कूलों के छात्र इन कक्षाओं से जुड़ सकेंगे और पढ़ाई के दौरान अपने सवाल भी पूछ सकेंगे।
इससे उन स्कूलों के छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, जहां संबंधित विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
AI ट्यूटर करेगा हर छात्र की मदद
परियोजना की सबसे बड़ी खासियत AI आधारित डिजिटल ट्यूटर है।
छात्रों को मिलेगा:
- विषयवार डाउट सॉल्यूशन
- रिकॉर्डेड लेक्चर
- डिजिटल नोट्स
- ऑनलाइन असाइनमेंट
- प्रैक्टिस क्वेश्चन
- मॉक टेस्ट
- नियमित मूल्यांकन
इससे विद्यार्थी अपनी कमजोरियों को पहचानकर बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
अब सरकारी स्कूलों से होगी NEET, JEE और CUET की तैयारी
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केवल बोर्ड परीक्षा ही नहीं, बल्कि NEET, JEE और CUET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी।
सरकार का मानना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को महंगी कोचिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें सरकारी स्कूल से ही गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिलेगा।
155 मॉडल स्कूलों में मुफ्त कोचिंग की तैयारी
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर फिलहाल पटना के 10 मॉडल स्कूलों में मुफ्त NEET और JEE कोचिंग शुरू की गई है।
- JEE के लिए पंजीकरण: 266 छात्र
- NEET के लिए पंजीकरण: 252 छात्र
आने वाले समय में इस कार्यक्रम का विस्तार राज्य के सभी 155 मॉडल स्कूलों तक किया जाएगा।
ग्रामीण छात्रों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
बिहार के कई सरकारी विद्यालयों में आज भी गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
नई व्यवस्था के तहत:
- एक विशेषज्ञ शिक्षक की क्लास कई स्कूलों तक पहुंचेगी।
- ग्रामीण और शहरी छात्रों को समान गुणवत्ता की शिक्षा मिलेगी।
- शिक्षकों की कमी का असर पढ़ाई पर नहीं पड़ेगा।
डिजिटल शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था में तकनीक का विस्तार कर रही है। AI आधारित लाइव क्लासेज उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
विशेषज्ञों ने बताया ऐतिहासिक कदम
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्कूलों में इंटरनेट, बिजली और तकनीकी संसाधनों की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई तो यह योजना सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है।
इससे:
- बोर्ड परीक्षा के परिणाम बेहतर होंगे।
- प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के छात्रों की सफलता बढ़ेगी।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर छात्र तक पहुंचेगी।
सरकार का लक्ष्य केवल डिजिटल क्लासरूम बनाना नहीं, बल्कि ऐसी आधुनिक शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है जहां बिहार का हर सरकारी स्कूल छात्र AI तकनीक, विशेषज्ञ शिक्षकों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी तक समान रूप से पहुंच बना सके।


