
फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद में मंगलवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे में बिहार के दो युवकों की मौत हो गई। दिल्ली-आगरा हाईवे स्थित बल्लभगढ़ इलाके में एक दुकान का जर्जर छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के समय दोनों युवक धूप से बचने के लिए दुकान के बाहर छज्जे के नीचे खड़े थे। अचानक भारी मलबा उनके ऊपर आ गिरा, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज के दौरान दोनों को मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद बिहार के भागलपुर और मुंगेर जिले में रहने वाले मृतकों के परिवारों में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रोजगार की तलाश में घर से बाहर गए दोनों युवकों की इस तरह मौत होने की खबर ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया।
धूप से बचने के लिए रुके, कुछ ही पल में हो गया हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह के समय दोनों युवक दुकान के बाहर बने छज्जे के नीचे खड़े थे। इसी दौरान कई वर्षों से जर्जर हो चुका छज्जा अचानक टूटकर उनके ऊपर गिर गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि दोनों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। आसपास मौजूद लोग जोरदार आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे और मलबा हटाकर दोनों युवकों को बाहर निकाला।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। घायल युवकों को तुरंत बल्लभगढ़ के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण दोनों की जान नहीं बच सकी।
एक भागलपुर तो दूसरा मुंगेर का रहने वाला था
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान अमरजीत (27 वर्ष) और संतोष (24 वर्ष) के रूप में हुई है।
अमरजीत मूल रूप से बिहार के मुंगेर जिले के बरियारपुर क्षेत्र का निवासी था। वह रोजगार के सिलसिले में फरीदाबाद में रहकर एक फैक्ट्री में काम करता था और परिवार के साथ किराये के मकान में रहता था।
वहीं संतोष बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी था। वह भी रोजगार की तलाश में फरीदाबाद पहुंचा था। दोनों आपस में मौसेरे भाई बताए जा रहे हैं और साथ रहकर काम कर रहे थे।
चीख-पुकार सुनकर जुटे स्थानीय लोग
छज्जा गिरने के बाद आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया और पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों युवकों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि तब तक उन्हें गंभीर चोटें लग चुकी थीं।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि छज्जा काफी पुराना और जर्जर था, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे की सूचना जैसे ही बिहार में मृतकों के परिजनों तक पहुंची, घरों में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने की मांग की है।
जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई व्यावसायिक भवनों और दुकानों के छज्जे लंबे समय से क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं कराई जाती। यदि समय रहते ऐसे ढांचों की जांच और मरम्मत कराई जाए तो इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सकता है।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं दोनों युवकों के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव भेजने की तैयारी की जा रही है। हादसे के बाद प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और यह पता लगाया जा रहा है कि जर्जर छज्जे की स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।


