JDU कार्यालय के बाहर हंगामा: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के सामने लगे नारे, निष्कासित नेता छोटू सिंह की वापसी की मांग तेज

पटना | जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश कार्यालय के बाहर बुधवार को उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के पहुंचते ही निष्कासित नेता छोटू सिंह के समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। समर्थक लगातार छोटू सिंह की पार्टी में वापसी की मांग करते रहे। हालांकि, निशांत कुमार बिना कोई प्रतिक्रिया दिए सीधे पार्टी कार्यालय के अंदर चले गए।

निशांत कुमार के पहुंचते ही शुरू हुई नारेबाजी

जेडीयू कार्यालय के बाहर पहले से मौजूद छोटू सिंह के समर्थकों ने स्वास्थ्य मंत्री के पहुंचते ही नारे लगाने शुरू कर दिए। समर्थकों ने पार्टी नेतृत्व से छोटू सिंह की वापसी की मांग की और काफी देर तक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

इस दौरान निशांत कुमार ने न तो प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और न ही किसी तरह की प्रतिक्रिया दी।

प्रदेश कमेटी में जगह नहीं मिलने के बाद बढ़ा विवाद

जानकारी के अनुसार, हाल ही में जेडीयू की नई प्रदेश कमेटी का गठन किया गया, जिसमें छोटू सिंह को शामिल नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की।

इसी दौरान उन पर आरोप लगा कि उन्होंने जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर जाकर बहस भी की थी। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया।

छह साल के लिए पार्टी से निष्कासन

प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के नेतृत्व में जेडीयू ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए छोटू सिंह को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।

इसके बाद राज्य सरकार ने भी कार्रवाई करते हुए उन्हें नागरिक परिषद से हटा दिया।

घर वापसी की कोशिश, लेकिन फिलहाल रास्ता मुश्किल

सूत्रों के अनुसार, छोटू सिंह लगातार पार्टी में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, मौजूदा प्रदेश नेतृत्व का रुख देखते हुए फिलहाल उनकी वापसी की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी नेतृत्व अनुशासन के मुद्दे पर कोई नरमी दिखाने के पक्ष में नहीं है।

कौन हैं छोटू सिंह?

निष्कासित नेता अरविंद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह जेडीयू के पूर्व प्रदेश महासचिव रह चुके हैं। उन्हें लंबे समय तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री अशोक चौधरी का करीबी माना जाता रहा है।

छोटू सिंह कई बार खुद को “नीतीश कुमार का हनुमान” भी बता चुके हैं। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है, लेकिन हाल के विवादों के बाद उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

  • ये भी पढ़े..

    मोतिहारी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कुख्यात नरेश पांडेय के ठिकाने पर छापा, 16 लाख नकद, हथियार और जमीन के दस्तावेज बरामद

    Share Add as a preferred…

    नेपाल में भारी बारिश से उत्तर बिहार पर बाढ़ का खतरा, गंडक, बागमती और दुधौरा उफान पर; कई जिलों में अलर्ट

    Share Add as a preferred…