भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई, कोडीन सिरप, नशीली दवाएं, सोना-चांदी और लाखों की नकदी के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाकर अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित और नशीली दवाओं के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान कोडीन युक्त कफ सिरप, नशीली कैप्सूल, प्रतिबंधित टैबलेट, भारतीय और नेपाली मुद्रा, सोना तथा चांदी भी बरामद की गई है। बरामद सामान की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।

प्रारंभिक पूछताछ के बाद दोनों आरोपितों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लदनियां थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे तस्करी नेटवर्क के पीछे सक्रिय अन्य लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुट गई हैं।

गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया संयुक्त अभियान

जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को भारत-नेपाल सीमा के रास्ते बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद तुरंत संयुक्त अभियान की योजना बनाई गई और मंगलवार रात भारत-नेपाल सीमा के निकट लदनियां बाजार क्षेत्र में छापेमारी की गई।

अभियान में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), स्थानीय पुलिस, उत्पाद विभाग तथा औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीम शामिल थी। सभी एजेंसियों ने समन्वय बनाकर सीमावर्ती इलाके की घेराबंदी की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए कार्रवाई शुरू की।

सीमा क्षेत्र में दो संदिग्धों को दबोचा गया

छापेमारी के दौरान टीम ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं, नकदी और कीमती धातुएं बरामद हुईं। जांच के दौरान दोनों आरोपित बरामद सामान से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे सामान को जब्त कर लिया और दोनों आरोपितों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।

कोडीन सिरप और नशीली दवाओं की बड़ी खेप बरामद

संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान कोडीन फॉस्फेट एवं अन्य संयोजन युक्त कफ सिरप की 1,005 बोतलें बरामद कीं। इसके अलावा स्पास्मोप्रॉक्सीवॉन प्लस की 5,376 कैप्सूल और नाइट्राज़ेपाम की 2,400 टैबलेट भी जब्त की गईं।

जांच एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में बरामद दवाओं का उपयोग अवैध कारोबार के लिए किया जाना था। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि इन दवाओं की खेप किस स्थान से लाई गई थी और इन्हें किस राज्य या देश तक पहुंचाने की योजना थी।

लाखों रुपये की भारतीय और नेपाली मुद्रा जब्त

तलाशी के दौरान केवल प्रतिबंधित दवाएं ही नहीं, बल्कि बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद हुई। अधिकारियों ने आरोपितों के कब्जे से लगभग 4.30 लाख रुपये भारतीय मुद्रा और करीब 4.50 लाख नेपाली मुद्रा जब्त की है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी रकम तस्करी से अर्जित की गई थी या किसी अन्य अवैध गतिविधि से जुड़ी हुई है। नकदी के स्रोत और उसके लेनदेन की भी विस्तृत जांच की जा रही है।

सोना और चांदी भी हुई बरामद

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपितों के पास से 24.940 ग्राम सोना और लगभग 1.69 किलोग्राम चांदी भी जब्त की। अधिकारियों का कहना है कि इन बहुमूल्य धातुओं के संबंध में भी जांच जारी है।

यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद सोना और चांदी वैध रूप से खरीदे गए थे या फिर इन्हें भी सीमा पार तस्करी के जरिए लाया या ले जाया जा रहा था। आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कई विभागों ने मिलकर दिया अभियान को अंजाम

यह कार्रवाई कई सरकारी एजेंसियों के समन्वय से सफल हो सकी। अभियान में एसएसबी की 18वीं बटालियन के अधिकारियों के साथ स्थानीय पुलिस, उत्पाद विभाग और औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारी शामिल रहे।

अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। हाल के महीनों में सीमा पर संयुक्त अभियान और गश्त भी बढ़ाई गई है।

दोनों आरोपितों की हुई पहचान

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान भारत और नेपाल के रहने वाले व्यक्तियों के रूप में हुई है। इनमें एक आरोपी मधुबनी जिले के लदनियां थाना क्षेत्र के कथा गांव का निवासी बताया गया है, जबकि दूसरा आरोपी नेपाल के सिरहा जिले का रहने वाला है।

दोनों से पूछताछ के दौरान उनके संपर्कों, यात्रा के उद्देश्य और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के आधार पर इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक भी पहुंचा जा सकेगा।

तस्करी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही जांच एजेंसियां

बरामद सामान की मात्रा को देखते हुए अधिकारियों का मानना है कि यह किसी बड़े संगठित गिरोह का मामला हो सकता है। इसी वजह से जांच केवल गिरफ्तार आरोपितों तक सीमित नहीं रखी गई है।

मोबाइल फोन, दस्तावेज, बैंक लेनदेन, संपर्क सूत्र और सीमा पार गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा पहले भी कितनी बार इस तरह की तस्करी की गई है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाई गई चौकसी

घटना के बाद भारत-नेपाल सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। एसएसबी और स्थानीय पुलिस को नियमित गश्त बढ़ाने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सीमा से होकर होने वाली मादक पदार्थों, प्रतिबंधित दवाओं, नकदी और बहुमूल्य धातुओं की तस्करी रोकने के लिए लगातार संयुक्त अभियान चलाने की रणनीति तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू

पूछताछ की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों आरोपितों को लदनियां थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

फिलहाल जब्त किए गए प्रतिबंधित पदार्थों, नकदी और कीमती धातुओं की विस्तृत जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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