
पटना | बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने पटना जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राजस्व सेवाओं की वर्तमान स्थिति संतोषजनक नहीं है और इसमें तत्काल सुधार लाना होगा। मंत्री ने चेतावनी दी कि एक महीने बाद फिर समीक्षा होगी और यदि प्रदर्शन में सुधार नहीं दिखा तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
‘मेरिट के आधार पर करें काम, पैरवी नहीं चलेगी’
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मामलों के निष्पादन में किसी भी तरह का “पिक एंड चूज़” नहीं चलेगा। सभी मामलों का निपटारा केवल नियम और मेरिट के आधार पर किया जाए। किसी भी व्यक्ति की पैरवी, दबाव या प्रभाव में आकर गलत निर्णय लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
पटना के 26 अंचलों की रैंकिंग पर जताई नाराजगी
डॉ. जायसवाल ने कहा कि पटना जिले के सभी 26 अंचलों की रैंकिंग अपेक्षित स्तर पर नहीं है, जबकि राजधानी में कार्यरत अधिकारियों की जिम्मेदारी सबसे अधिक है। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया।
लंबित मामलों का जल्द करें निपटारा
मंत्री ने कहा कि जिन अंचलों में बैकलॉग अधिक है, वहां विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि गरीब और आम लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए।
‘ईमानदारी से काम करेंगे तो चेहरे पर भी चमक आएगी’
अधिकारियों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा,
“ईमानदारी से काम करिए। इससे चेहरे पर भी चमक आएगी और आत्मसंतुष्टि भी मिलेगी।”
उन्होंने अभियान बसेरा-2 के सभी लक्ष्य समय पर पूरा करने का भी निर्देश दिया।
दाखिल-खारिज से लेकर ई-मापी तक की हुई समीक्षा
राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर में आयोजित बैठक में दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, सरकारी भूमि की पहचान, राजस्व महाअभियान, जनशिकायत और सहयोग शिविरों में प्राप्त आवेदनों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में विभागीय सचिव जय सिंह, सचिव सीमा त्रिपाठी, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक सुहर्ष भगत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पटना जिले के सभी 26 अंचलों के अंचल अधिकारी एवं राजस्व पदाधिकारी मौजूद रहे।
एक महीने बाद फिर होगी समीक्षा
मंत्री ने स्पष्ट किया कि अगले एक महीने में सभी अंचलों की रैंकिंग में सुधार दिखना चाहिए। यदि प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


