बांकीपुर उपचुनाव: नामांकन के साथ चुनावी जंग तेज, शिक्षा से लेकर संपत्ति तक उम्मीदवारों की पूरी पड़ताल

पटना: बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही चुनावी मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। इस बार लड़ाई सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, घोषित संपत्ति, सार्वजनिक छवि और कानूनी पृष्ठभूमि को लेकर भी चर्चा का विषय बन गई है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नीरज कुमार सिन्हा, जनसुराज ने प्रशांत किशोर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने रेखा गुप्ता और जनशक्ति जनता दल ने वीणा मानवी को मैदान में उतारा है। अब मतदाता उम्मीदवारों के पूरे प्रोफाइल को भी बारीकी से परख रहे हैं।

शिक्षा में सबसे आगे प्रशांत किशोर

नामांकन के साथ दाखिल शपथपत्र के अनुसार, शिक्षा के मामले में जनसुराज प्रमुख प्रशांत किशोर सबसे आगे हैं। उन्होंने पब्लिक हेल्थ में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था के साथ भी काम कर चुके हैं। चुनावी रणनीतिकार के रूप में उनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर रही है।

वहीं भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा स्नातक हैं और लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता भी स्नातक हैं और स्थानीय राजनीति में सक्रिय रही हैं।

संपत्ति में भी सबसे आगे प्रशांत किशोर

चुनावी हलफनामे के मुताबिक, संपत्ति के मामले में भी प्रशांत किशोर अन्य उम्मीदवारों से काफी आगे हैं।

  • प्रशांत किशोर परिवार की कुल घोषित संपत्ति: लगभग 233.78 करोड़ रुपये
  • चल संपत्ति: 111 करोड़ रुपये
  • अचल संपत्ति: 86 करोड़ रुपये
  • पत्नी के पास: 89 करोड़ रुपये की चल और 12 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति
  • बैंक से लिया गया ऋण: 5.77 करोड़ रुपये

वहीं भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने अपेक्षाकृत कम संपत्ति घोषित की है। राजद उम्मीदवार रेखा गुप्ता की घोषित संपत्ति भाजपा उम्मीदवार से अधिक बताई गई है।

वीणा मानवी की गिरफ्तारी बनी चर्चा का केंद्र

नामांकन के अंतिम दिन सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम तब सामने आया जब जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी को नामांकन दाखिल करने के तुरंत बाद पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया।

समाहरणालय परिसर में करीब 45 मिनट तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में अदालत से उन्हें जमानत मिल गई।

शक्ति प्रदर्शन में सभी दलों ने झोंकी ताकत

नामांकन के दौरान सभी प्रमुख दलों ने अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश की।

  • प्रशांत किशोर बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ पहुंचे।
  • भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के नामांकन में एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
  • सभी दलों ने भीड़ के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया।

बयानों से भी गर्म हुआ चुनाव

नामांकन के बाद भाजपा और जनसुराज दोनों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया।

प्रशांत किशोर ने कहा कि यह “बिहार के भविष्य का नामांकन” है, जबकि भाजपा नेताओं ने दावा किया कि विकास कार्यों के आधार पर जनता एक बार फिर एनडीए पर भरोसा जताएगी।

मतदाता क्या सोच रहे हैं?

बांकीपुर के मतदाताओं की राय भी बंटी हुई नजर आ रही है। कुछ लोग क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की सराहना कर रहे हैं, जबकि कई मतदाताओं का कहना है कि सड़क, जलजमाव और आधारभूत सुविधाओं की समस्या अब भी बनी हुई है।

ऐसे में इस बार बांकीपुर की जनता केवल पार्टी नहीं, बल्कि उम्मीदवार की योग्यता, छवि, अनुभव और विश्वसनीयता को भी मतदान का अहम आधार मानती दिख रही है।

30 जुलाई को मतदान

नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी दल चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकेंगे। 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना के बाद तय होगा कि बांकीपुर की जनता किसे अपना नया विधायक चुनती है।

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