
पश्चिम चंपारण: सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और कमजोर वर्ग के बच्चों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटांड़ प्रखंड में 22 अतिरिक्त शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। यह नियुक्ति विवेकानंद रूरल एजुकेशन फाउंडेशन और ज्ञानशाला-सीमैया की संयुक्त वी-रेफिग्स (V-REFIGS) परियोजना के तहत की जा रही है। इसके तहत प्रखंड के 11 सरकारी विद्यालयों में प्रत्येक स्कूल के लिए दो-दो अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति होगी।
चयनित शिक्षक विद्यालय खुलने से पहले और छुट्टी के बाद बच्चों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग देंगे, ताकि उनकी पढ़ाई मजबूत हो सके और सीखने के स्तर में सुधार आए।
16 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन
प्रखंड विकास पदाधिकारी दीपक राम ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी 12 जुलाई से 16 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 19 जुलाई को लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।
परीक्षा केंद्र और समय की जानकारी चयनित अभ्यर्थियों को व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। लिखित परीक्षा के बाद योग्य उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया जाएगा और उसके आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट (12वीं पास) निर्धारित की गई है। हालांकि, स्नातक, डीएलएड और बीएड की योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अलावा महिला अभ्यर्थियों को भी वरीयता देने का प्रावधान रखा गया है। उम्मीदवार की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही संबंधित विद्यालय से तीन किलोमीटर के दायरे में निवास करना अनिवार्य होगा।
कितना मिलेगा मानदेय?
चयनित अभ्यर्थियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर 6,000 रुपये से 8,000 रुपये प्रतिमाह तक मानदेय दिया जाएगा।
कार्यभार संभालने से पहले सभी चयनित शिक्षकों को 10 दिनों का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे बच्चों को बेहतर ढंग से शैक्षणिक सहयोग प्रदान कर सकें।
इन सरकारी विद्यालयों में होगी नियुक्ति
वी-रेफिग्स परियोजना के तहत जिन 11 विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, उनमें शामिल हैं—
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय बेलवा टोला
- राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय मैनाटांड़
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय शेरखवा बसंतपुर अनुसूचित जाति टोला
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय बुन्नीलाल रामदेई दिउलिया अनुसूचित जाति टोला
- राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय बौध बरवा
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय चिउटाहा
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय पुरैनिया पूर्वी हरिहरराम के टोला
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय बिंदवालिया सुखलही
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय इनरवा गफूर टोली उर्दू
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय गौरीपुर
- राजकीय प्राथमिक विद्यालय मझरिया उर्दू
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना है मुख्य उद्देश्य
इस परियोजना का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराना है। नियमित कक्षाओं के अलावा अतिरिक्त शिक्षण व्यवस्था से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने, बुनियादी विषयों में पकड़ मजबूत करने और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन और परियोजना से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से न केवल छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर योग्य युवाओं को रोजगार का अवसर भी प्राप्त होगा।


