फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने वाले साइबर नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, बिहार में 67 अपराधी गिरफ्तार

पटना: बिहार में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान पत्र बनाकर साइबर ठगी करने वाले संगठित नेटवर्क के खिलाफ साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (सीएसएसयू) ने बड़ा अभियान चलाया है। “साइबर प्रहार 3.0” के तहत राज्यभर में की गई कार्रवाई में अब तक 67 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही 41 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क से जुड़े सैकड़ों संदिग्धों की पहचान की गई है।

फर्जी दस्तावेजों के बड़े नेटवर्क का खुलासा

सीएसएसयू के अनुसार विशेष अभियान के दौरान ऐसे गिरोहों पर कार्रवाई की गई, जो अवैध वेबसाइटों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड और अन्य पहचान पत्र तैयार कर साइबर अपराधों में इस्तेमाल कर रहे थे। जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े 815 संदिग्ध उपयोगकर्ताओं और वितरकों को चिन्हित किया गया है, जिनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

67 गिरफ्तारी, 41 एफआईआर दर्ज

अभियान के दौरान बिहार के विभिन्न जिलों में एक साथ छापेमारी की गई। पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी और फर्जी पहचान पत्र बनाने वाले गिरोहों के खिलाफ 41 प्राथमिकियां दर्ज करते हुए 67 आरोपियों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने तक अभियान चलता रहेगा।

भारी मात्रा में उपकरण जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी बरामद किए हैं। इनमें 11 बायोमेट्रिक स्कैनर, सात आइरिस स्कैनर, सिलिकॉन फिंगरप्रिंट तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन उपकरणों का उपयोग फर्जी पहचान तैयार करने और बैंकिंग तथा अन्य ऑनलाइन धोखाधड़ी में किया जा रहा था।

फर्जी सिम जारी करने वाले 162 पीओएस एजेंट चिन्हित

जांच के दौरान 162 संदिग्ध प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंटों की भी पहचान की गई है, जिन पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी करने का आरोप है। इनमें गया जिले में छापेमारी कर एक आरोपी को 47 सिम कार्ड के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं, दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों तक साइबर ठगी के लिए सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क से जुड़े दो एजेंटों को दरभंगा से गिरफ्तार किया गया है।

बच्चों से जुड़े साइबर अपराध पर भी कार्रवाई

सीएसएसयू ने बच्चों से संबंधित अश्लील और शोषणकारी सामग्री के प्रसार के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया। इस दौरान पटना, वैशाली और मुजफ्फरपुर में चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

मधुबनी में सिम बॉक्स नेटवर्क ध्वस्त

अभियान के दौरान मधुबनी में संचालित एक बड़े सिम बॉक्स नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया गया। पुलिस ने यहां से सात सिम बॉक्स, 167 मोबाइल फोन और 44 सिम कार्ड बरामद किए। इस मामले में चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी में किया जा रहा था।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने स्पष्ट किया है कि बिहार में सक्रिय संगठित साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। फर्जी पहचान पत्र, अवैध सिम कार्ड, डिजिटल दस्तावेजों के दुरुपयोग और ऑनलाइन ठगी में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार के दस्तावेज केवल अधिकृत केंद्रों से ही बनवाएं और संदिग्ध ऑनलाइन सेवाओं से बचें।

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