भागलपुर से सोमनाथ यात्रा के लिए आवेदन शुरू, 13 जुलाई तक कर सकेंगे पंजीकरण

बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष धार्मिक यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख आस्था केंद्र सोमनाथ मंदिर के दर्शन का अवसर मिलेगा। भागलपुर जिले के इच्छुक लोगों के लिए भी आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय ने निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन जमा करने की अपील की है। विभाग के अनुसार यह यात्रा 20 जुलाई से 26 जुलाई 2026 तक आयोजित होगी और इसके लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई है।

भागलपुर जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के इच्छुक श्रद्धालु 13 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे तक जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय में निर्धारित आवेदन प्रपत्र के साथ अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। तय समय के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी अभ्यर्थियों से समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है।

यह विशेष यात्रा कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित की जा रही है। यात्रा का आयोजन सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – 1000 वर्ष की अटूट आस्था की परिकल्पना के अंतर्गत किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जोड़ना तथा ऐतिहासिक महत्व वाले सोमनाथ मंदिर के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराना है।

जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि आवेदन करने वाले श्रद्धालुओं का चयन पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर गठित चयन समिति आवेदन पत्रों की जांच करेगी और पात्र अभ्यर्थियों का चयन करेगी। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भागलपुर जिले से चयनित श्रद्धालुओं की सूची राज्य मुख्यालय को भेजी जाएगी, जहां अंतिम स्वीकृति के बाद यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के नाम तय किए जाएंगे।

विभागीय योजना के अनुसार 20 जुलाई 2026 को पटना से विशेष ट्रेन रवाना होगी, जिसमें पूरे बिहार से लगभग 1100 श्रद्धालु शामिल होंगे। यह विशेष ट्रेन सोमनाथ के लिए प्रस्थान करेगी और 26 जुलाई 2026 तक यात्रा पूरी कर वापस लौटेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है ताकि सभी यात्री सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से धार्मिक यात्रा का लाभ उठा सकें।

इस यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, युवाओं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े लोगों, स्वयंसेवकों, सामाजिक और आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, सीमावर्ती क्षेत्रों के कलाकारों तथा विभिन्न सेवा क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को भी यात्रा में शामिल करने का प्रावधान रखा गया है। इससे समाज के अलग-अलग वर्गों को समान अवसर देने की दिशा में पहल की गई है।

विभाग की ओर से यह भी तय किया गया है कि प्रत्येक जिले से एक दल नेता नामित किया जाएगा। यह दल नेता यात्रा के दौरान अपने जिले के श्रद्धालुओं का नेतृत्व करेगा और यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं के समन्वय की जिम्मेदारी निभाएगा। इससे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या व्यवस्थागत समस्या का त्वरित समाधान करने में सुविधा होगी।

यात्रा में शामिल होने वाले प्रत्येक चयनित श्रद्धालु को विभाग की ओर से अधिकृत पहचान-पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहचान-पत्र निर्धारित प्रारूप में तैयार होगा और उस पर संबंधित जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी के हस्ताक्षर होंगे। यात्रा के दौरान यही पहचान-पत्र श्रद्धालुओं की आधिकारिक पहचान के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसलिए चयनित अभ्यर्थियों को इसे सुरक्षित रखने की सलाह दी जाएगी।

भागलपुर जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय ने बताया है कि आवेदन करने के लिए निर्धारित प्रपत्र कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। कार्यालय अवधि के दौरान इच्छुक श्रद्धालु आवेदन पत्र के साथ यात्रा से संबंधित विस्तृत जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन जमा करते समय आवश्यक दस्तावेज भी साथ प्रस्तुत करने होंगे, ताकि सत्यापन प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।

प्रशासन का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह समयबद्ध तरीके से संचालित की जाएगी। निर्धारित अंतिम तिथि और समय के बाद किसी भी परिस्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऐसे में इच्छुक लोगों को सलाह दी गई है कि अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द आवेदन जमा कर दें।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और लोगों को देश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों से जोड़ने के उद्देश्य से बिहार सरकार लगातार विभिन्न धार्मिक यात्राओं का आयोजन करती रही है। सोमनाथ यात्रा भी इसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ही श्रद्धालुओं का चयन किया जाएगा। चयनित लोगों को समय पर सूचना उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे यात्रा के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर सकें।

भागलपुर जिले के सभी इच्छुक श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि यदि वे इस विशेष सोमनाथ यात्रा में शामिल होना चाहते हैं तो 13 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे से पहले जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय पहुंचकर निर्धारित प्रपत्र के साथ आवेदन जमा करें। समय सीमा समाप्त होने के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। विभाग ने यह भी कहा है कि आवेदन प्रपत्र, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी तथा यात्रा से जुड़ी अन्य सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं कार्यालय अवधि के दौरान जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, भागलपुर से प्राप्त की जा सकती हैं। इससे इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी।

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