
बिहार में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य स्तरीय सुबतो मुखर्जी अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता 2026 का आयोजन किशनगंज में शुरू हो गया है, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों की टीमें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए भागलपुर जिले की फुटबॉल टीम भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ किशनगंज के लिए रवाना हो गई।
भागलपुर जिले का प्रतिनिधित्व इस बार मुस्लिम इंटर विद्यालय की अंडर-17 फुटबॉल टीम कर रही है। विद्यालय के खिलाड़ियों ने जिला स्तर पर अपने प्रदर्शन और अनुशासन के दम पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए स्थान बनाया है। खिलाड़ियों के चयन के बाद पूरे विद्यालय और खेल जगत में उत्साह का माहौल देखने को मिला। खेल प्रेमियों और शिक्षकों को उम्मीद है कि टीम इस प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन करेगी।
टीम को औपचारिक रूप से रवाना करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में खेल विभाग और जिला फुटबॉल से जुड़े अधिकारियों के साथ विद्यालय परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए अधिकारियों ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल जीत और हार का मंच नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और खेल भावना को मजबूत करने का अवसर भी है।
जिला खेल पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यहां पहुंचने के लिए खिलाड़ियों ने लंबे समय तक मेहनत, अभ्यास और समर्पण का परिचय दिया है। अब उनका लक्ष्य अपने प्रदर्शन के माध्यम से जिले की पहचान को और मजबूत करना होना चाहिए।
विद्यालय प्रशासन ने भी खिलाड़ियों के उत्साह को बढ़ाते हुए कहा कि खेल शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और मैदान में सीखी गई अनुशासन, नेतृत्व और टीमवर्क की भावना जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाने में मदद करती है। खिलाड़ियों से उम्मीद जताई गई कि वे खेल भावना और सकारात्मक सोच के साथ मैदान में उतरेंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।
सुबतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता देश की सबसे प्रतिष्ठित स्कूली फुटबॉल प्रतियोगिताओं में गिनी जाती है। इस प्रतियोगिता ने वर्षों से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। राज्य स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मौका मिलता है, जिससे उनका भविष्य और करियर दोनों मजबूत होते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें बड़े मंचों पर खेलने का अनुभव भी प्रदान करती हैं। युवा खिलाड़ियों को अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों की टीमों के खिलाफ खेलने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी तकनीकी क्षमता और मानसिक मजबूती दोनों में सुधार होता है।
भागलपुर की टीम पिछले कई दिनों से प्रतियोगिता की तैयारी में जुटी हुई थी। खिलाड़ियों ने नियमित अभ्यास, फिटनेस प्रशिक्षण और रणनीतिक तैयारियों के माध्यम से अपने खेल को और बेहतर बनाने का प्रयास किया है। कोच और खेल शिक्षकों ने टीम की कमजोरियों को दूर करने और मजबूत पक्षों को और प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया है।
टीम के कोच कृष्णा कुमार ने खिलाड़ियों को लगातार प्रेरित करते हुए उन्हें टीम भावना के महत्व के बारे में बताया। उनका कहना है कि फुटबॉल केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन का खेल नहीं है, बल्कि इसमें सामूहिक प्रयास और बेहतर तालमेल ही सफलता की कुंजी होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी।
प्रतियोगिता के लिए चुनी गई टीम में रवि कुमार, अर्जुन कुमार, यजान इलाही, सौरभ कुमार, संदीप कुमार, सन्नी कुमार, अमित घोष, कुणाल कुमार, पिंटू कुमार, पंकज टुडू, गोबिंद कुमार, अभिजीत कुमार, सत्यम कुमार, बादल कुमार, बिष्णु कुमार, सुमन कुमार, करण किशोर और लाल हेब्रम शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के दम पर टीम में स्थान बनाया है और अब उनसे जिले को गौरवान्वित करने की उम्मीद की जा रही है।
रवाना होने से पहले विद्यालय परिसर में खिलाड़ियों के लिए उत्साहवर्धन कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। विद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और साथियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं और उनसे प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आग्रह किया। खिलाड़ियों ने भी विश्वास जताया कि वे पूरी मेहनत और लगन के साथ मैदान में उतरेंगे और बेहतर परिणाम हासिल करने का प्रयास करेंगे।
विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षकों ने कहा कि छात्रों का खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ना पूरे संस्थान के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भागीदारी छात्रों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक है। यही कारण है कि विद्यालय खेल प्रतिभाओं को लगातार प्रोत्साहित करता रहा है।
भागलपुर जिला लंबे समय से खेल प्रतिभाओं के लिए जाना जाता रहा है। क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में यहां के खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में इस बार भी लोगों की उम्मीदें फुटबॉल टीम से जुड़ी हुई हैं।
खेल विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए स्कूल स्तर की प्रतियोगिताएं बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि खिलाड़ियों को सही प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर मिलें, तो वे बड़े स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं। बिहार में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
किशनगंज में आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए सीखने और अनुभव प्राप्त करने का भी बड़ा अवसर होगी। यहां उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों से आने वाली मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा, जिससे उनके खेल स्तर में सुधार आएगा और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
भागलपुर के खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने भी टीम को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई है कि खिलाड़ी मैदान पर अनुशासन, संघर्ष और टीम भावना का परिचय देंगे। प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन न केवल खिलाड़ियों के व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि इससे जिले के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।
राज्य स्तरीय सुबतो मुखर्जी अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता में भागलपुर की टीम की यह यात्रा केवल एक खेल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं, उनके सपनों और भविष्य की संभावनाओं का प्रतीक भी है। अब सभी की निगाहें किशनगंज में होने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भागलपुर के युवा खिलाड़ी अपने खेल कौशल और जज्बे का प्रदर्शन करते नजर आएंगे।


