
भोजपुर | बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी द्वारा प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी गई है। परिवार के अनुसार, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के कारण यह निर्णय लिया गया है।
ब्लड प्रेशर बढ़ने और कमजोरी की शिकायत
शाहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. मुन्ना प्रसाद ने जांच के बाद बताया कि आशा देवी का ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ गया है और उन्हें हल्का बुखार भी है।
डॉक्टरों के अनुसार लगातार मानसिक तनाव, रोने और पर्याप्त भोजन नहीं करने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति काफी कमजोर हो गई है। उनकी आंखों में सूजन और शरीर में कमजोरी भी पाई गई है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति में आमरण अनशन करना उनके लिए जोखिम भरा हो सकता है।
20 जुलाई तक स्थगित किया गया आंदोलन
भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने बताया कि मां की खराब तबीयत को देखते हुए भूख हड़ताल को फिलहाल 20 जुलाई तक स्थगित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि तब तक न्यायिक जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं होती है, तो आशा देवी 20 जुलाई के बाद आमरण अनशन शुरू करेंगी।
परिवार का कहना है कि भरत तिवारी की मौत के बाद से आशा देवी ने लगभग खाना-पीना छोड़ दिया है और परिजन उन्हें किसी तरह थोड़ा-बहुत भोजन करा पा रहे हैं।
12 जून से शुरू हुआ था पूरा घटनाक्रम
परिवार के अनुसार, पूरे मामले की शुरुआत 12 जून को हुई थी, जब भरत भूषण तिवारी कथित सरकारी योजनाओं और फंड में अनियमितताओं की शिकायत लेकर थाना पहुंचे थे।
आरोप है कि वहां उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद वे अपनी शिकायत लेकर डीएसपी कार्यालय पहुंचे, जहां भी शिकायत नहीं ली गई। परिवार का दावा है कि इसी दौरान विवाद बढ़ा और बाद में घटनाक्रम पुलिस मुठभेड़ तक पहुंच गया।
17 जून को हुई थी एनकाउंटर में मौत
भरत भूषण तिवारी की 17 जून को पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठने के बाद न्यायिक जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है।
परिवार का कहना है कि उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय का इंतजार है तथा यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन शुरू करेंगे।


