
पटना | राजधानी पटना की सबसे व्यस्त सड़क बेली रोड (नेहरू पथ) पर मेट्रो निर्माण कार्य अब नए चरण में प्रवेश करने जा रहा है। निर्माण कार्य की रफ्तार बनाए रखने और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के लिए जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और पटना मेट्रो प्रशासन ने एक फ्लेक्सिबल ट्रैफिक प्लान तैयार किया है।
नई व्यवस्था के तहत मेट्रो स्टेशन निर्माण के दौरान सड़क पूरी तरह बंद नहीं होगी, बल्कि आधी सड़क से दोनों दिशाओं का ट्रैफिक संचालित किया जाएगा।
इन तीन स्थानों पर लागू होगी नई व्यवस्था
मेट्रो निर्माण के दौरान सबसे पहले जिन स्थानों पर नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू होगी, उनमें—
- आयकर गोलंबर
- विकास भवन
- पटना जू गेट नंबर-1
के सामने बनने वाले मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।
करीब 30 मीटर चौड़ी बेली रोड को अस्थायी रूप से दो लेन में विभाजित कर एक ही फ्लैंक से दोनों ओर वाहनों की आवाजाही कराई जाएगी।
पहली बार इस्तेमाल होगा ‘मूवेबल मेडियन’
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता कृत्रिम (मूवेबल) मेडियन होगी।
निर्माण कार्य जहां होगा, उसके अनुसार इस अस्थायी डिवाइडर को सड़क के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में आसानी से स्थानांतरित किया जाएगा।
- यदि सड़क के उत्तरी हिस्से में निर्माण होगा, तो ट्रैफिक दक्षिणी हिस्से से दोनों दिशाओं में चलेगा।
- जब दक्षिणी हिस्से में काम शुरू होगा, तो डिवाइडर को उत्तर की ओर शिफ्ट कर ट्रैफिक उत्तर वाले हिस्से से संचालित किया जाएगा।
जाम कम करने पर रहेगा फोकस
अधिकारियों का कहना है कि बेली रोड राजधानी की लाइफलाइन है, जहां रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पूरी तरह बंद करना संभव नहीं था।
नई व्यवस्था से निर्माण कार्य भी चलता रहेगा और ट्रैफिक जाम की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
ट्रैफिक एसपी ने की समीक्षा बैठक
गुरुवार को ट्रैफिक एसपी सागर कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में पटना मेट्रो निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने निर्माण कार्य और ट्रैफिक प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में विकास भवन, नियोजन भवन, विश्वेश्वरैया भवन और लोक भवन स्टाफ क्वार्टर की चहारदीवारी सहित कुछ अन्य संरचनाओं को सुरक्षित तरीके से हटाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
जरूरत पड़ने पर होगा ट्रैफिक डायवर्जन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी।
यदि किसी स्थान पर वाहनों का दबाव बढ़ता है, तो स्थिति के अनुसार—
- ट्रैफिक डायवर्जन,
- वैकल्पिक मार्ग,
- अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल
की व्यवस्था भी की जाएगी।
मेट्रो निर्माण और ट्रैफिक दोनों साथ-साथ
पटना मेट्रो परियोजना को राजधानी के सार्वजनिक परिवहन में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा हो और आम लोगों को यातायात में न्यूनतम परेशानी हो।
इसी उद्देश्य से यह फ्लेक्सिबल ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है, ताकि विकास कार्य और शहर की आवाजाही दोनों बिना बाधा जारी रह सकें।


