बिहार में मानसून फिर सक्रिय: आज चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 12 जिलों में गरज-तड़क और वज्रपात की चेतावनी

पटना: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए राज्य के चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 12 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी दी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण अगले 24 घंटे तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, तो कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार दरभंगा, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया गया है। वहीं समस्तीपुर, मोतिहारी, सीतामढ़ी, शिवहर, गोपालगंज, सीवान, सारण और वैशाली समेत कुल 12 जिलों में गरज-तड़क के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

पूरे राज्य में बनी रहेगी बादलों की आवाजाही

मौसम विभाग का कहना है कि पूरे बिहार में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। राजधानी पटना में भी बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल मानसून ट्रफ राज्य के ऊपर सक्रिय है, जिसके कारण बारिश की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं।

कटिहार में सबसे अधिक बारिश दर्ज

पिछले 24 घंटों के दौरान कटिहार जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। जिले के अमदाबाद क्षेत्र में 108.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि राज्य के कई अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम वर्षा हुई। बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं कई निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या भी सामने आई।

सामान्य से अब भी कम है बारिश

हालांकि मानसून सक्रिय होने के बावजूद बिहार में इस सीजन की कुल बारिश अभी भी सामान्य से कम बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक औसतन 53 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। विभाग का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो वर्षा की कमी में कमी आ सकती है और किसानों को भी राहत मिलेगी।

लोगों के लिए जारी की गई एडवाइजरी

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। गरज-चमक और वज्रपात के समय खुले मैदान, खेत, जलाशयों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों को भी मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।

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