भागलपुर में दहेज प्रताड़ना का गंभीर आरोप, नवविवाहिता को मारपीट के बाद जबरन कीटनाशक पिलाने का दावा, मायागंज अस्पताल में इलाज जारी

भागलपुर जिले के सजौर थाना क्षेत्र से दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक नवविवाहिता ने अपने पति, सास और ससुर पर दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित करने, मारपीट करने और जबरन कीटनाशक पिलाने का आरोप लगाया है। महिला की हालत बिगड़ने के बाद परिजन उसे इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद पीड़िता के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि और जांच की प्रक्रिया अभी बाकी है।

जानकारी के अनुसार यह मामला सजौर थाना क्षेत्र के दरियापुर पंचायत स्थित घोरगांव का है। पीड़िता निशा, जो खैरा की रहने वाली है, ने आरोप लगाया है कि उसकी शादी लगभग एक वर्ष पहले घोरगांव निवासी मोहम्मद शाहबाज के साथ हुई थी। विवाह के शुरुआती दिनों के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की अतिरिक्त मांग की जाने लगी और इसी को लेकर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा।

पीड़िता का आरोप है कि विवाह के बाद पहले उससे 25 हजार रुपये लाने के लिए कहा गया। बाद में यह मांग बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई। निशा का कहना है कि परिजनों ने किसी तरह यह रकम उपलब्ध कराई, लेकिन इसके बावजूद प्रताड़ना बंद नहीं हुई। इसके बाद ससुराल पक्ष की ओर से चार लाख रुपये लाने का दबाव बनाया जाने लगा। महिला का आरोप है कि जब भी वह इतनी बड़ी रकम लाने में असमर्थता जताती थी, उसके साथ मारपीट की जाती थी और उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता था।

पीड़िता ने बताया कि उसका तीन महीने का एक बच्चा भी है। इसके बावजूद उसके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार जारी रहा। उसने आरोप लगाया कि कई बार उसे मानसिक रूप से परेशान किया गया और परिवार के अन्य सदस्यों के सामने भी अपमानित किया गया। महिला का कहना है कि वह अपने वैवाहिक जीवन को बचाने के उद्देश्य से लंबे समय तक यह सब सहती रही और पहले किसी भी घटना की शिकायत पुलिस से नहीं की।

निशा के अनुसार, घटना वाली रात घर में किसी बात को लेकर मामूली विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद के बाद पति, सास और ससुर ने मिलकर उसकी पिटाई की। महिला का दावा है कि मारपीट के बाद उसे जबरन कीटनाशक पिला दिया गया। इसके बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और उसकी हालत गंभीर हो गई।

पीड़िता के परिजनों का कहना है कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे तुरंत ससुराल पहुंचे। उन्होंने गंभीर हालत में महिला को वहां से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की। परिजनों के अनुसार, एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण काफी प्रयास के बाद ई-रिक्शा की मदद से उसे मायागंज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उसका उपचार शुरू किया।

अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में महिला का इलाज जारी है। उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। चिकित्सकों की ओर से उपचार संबंधी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन अस्पताल प्रशासन आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।

घटना के बाद पीड़िता के परिवार में आक्रोश का माहौल है। परिजनों का कहना है कि दहेज की मांग को लेकर लंबे समय से उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जा रहा था। उनका आरोप है कि बार-बार समझौते की कोशिशों के बावजूद ससुराल पक्ष का व्यवहार नहीं बदला। अब इस घटना के बाद परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया है।

पीड़िता ने भी कहा है कि पहले की घटनाओं को लेकर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी क्योंकि उसे उम्मीद थी कि समय के साथ स्थिति सामान्य हो जाएगी। लेकिन हालिया घटना के बाद उसने न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेने का निर्णय लिया है। उसका कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य महिला के साथ ऐसी घटना न हो।

मामले में सजौर थाना पुलिस से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार तैयार किए जाने तक थाना प्रभारी का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका। पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि प्राथमिकी दर्ज हुई है या नहीं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यदि पीड़िता या उसके परिजन की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो मामले की जांच शुरू की जाएगी। जांच के दौरान पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद ही उचित कार्रवाई की जाती है।

दहेज प्रताड़ना से जुड़े मामलों में कानून महिलाओं को विशेष सुरक्षा प्रदान करता है। यदि किसी महिला के साथ दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़न, हिंसा या अन्य प्रकार का अपराध होने का आरोप सामने आता है, तो पुलिस जांच के बाद संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करती है। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय साक्ष्य, पीड़िता का बयान और अन्य उपलब्ध प्रमाण जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि समाज में दहेज जैसी कुप्रथा आज भी कई परिवारों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। जागरूकता अभियान और कानून के बावजूद समय-समय पर ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि दहेज के खिलाफ समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर लगातार प्रयास करने होंगे, ताकि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।

फिलहाल इस पूरे मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने का इंतजार है। पुलिस की कार्रवाई, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। वहीं पीड़िता का इलाज मायागंज अस्पताल में जारी है और उसके परिजन न्याय मिलने की उम्मीद के साथ प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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