
भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड में नशा मुक्ति को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। “नशे की लत को छोड़ो, स्वस्थ जीवन से नाता जोड़ो” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में जीविका दीदियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया और समाज को नशा मुक्त बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों, जीविका समूह की महिलाओं और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। आयोजन का उद्देश्य लोगों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक करना तथा समाज में सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का आयोजन सबौर प्रखंड प्रशासन और संबंधित विभागों के सहयोग से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के जरिए यह संदेश दिया कि नशे की लत केवल व्यक्ति की समस्या नहीं होती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। नाटक में वास्तविक जीवन से जुड़े कई ऐसे दृश्य प्रस्तुत किए गए, जिनसे लोगों को नशे के दुष्परिणामों को समझने में आसानी हुई।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने दिखाया कि शराब और अन्य मादक पदार्थों की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य को धीरे-धीरे गंभीर रूप से प्रभावित करती है। नशे की वजह से कई लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं, मानसिक तनाव बढ़ता है और कार्य करने की क्षमता भी कम हो जाती है। इसके साथ ही व्यक्ति का पारिवारिक जीवन भी प्रभावित होता है और कई बार घरेलू विवाद, आर्थिक संकट तथा सामाजिक समस्याएं भी उत्पन्न हो जाती हैं।
नाटक में यह भी दर्शाया गया कि नशे की आदत का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ता है। परिवार की आय का बड़ा हिस्सा नशे पर खर्च होने से बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक जरूरतें प्रभावित होती हैं। कई परिवार आर्थिक संकट में फंस जाते हैं और घरेलू वातावरण भी तनावपूर्ण हो जाता है। कलाकारों ने इन परिस्थितियों को प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने नाटक के माध्यम से यह संदेश भी प्राप्त किया कि यदि व्यक्ति समय रहते नशे की आदत छोड़ दे तो वह न केवल अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है, बल्कि परिवार की खुशहाली और सामाजिक सम्मान भी वापस हासिल कर सकता है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित रोजगार, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने को बेहतर भविष्य की कुंजी बताया गया।
इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभात रंजन ने कहा कि नशा समाज की प्रगति के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास तभी संभव है जब वहां के लोग स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनें। इसलिए नशा मुक्ति अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि जीविका समूह की महिलाओं की भूमिका इस अभियान में अत्यंत महत्वपूर्ण है। जीविका दीदियां गांव-गांव जाकर महिलाओं और परिवारों के बीच जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी से नशा मुक्ति अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और अधिक से अधिक लोगों तक इसका संदेश पहुंचेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि नशे की समस्या केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध सामाजिक विकास, आर्थिक प्रगति और कानून व्यवस्था से भी है। यदि समाज नशे से मुक्त होगा तो अपराधों में कमी आएगी, पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे और युवाओं को बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान जीविका स्कूल संघ की अध्यक्ष मानुषी देवी ने भी लोगों से नशा मुक्त समाज बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं और यदि वे जागरूक रहें तो पूरे परिवार को सही दिशा दे सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने घर और गांव में नशा विरोधी संदेश को लगातार फैलाएं तथा युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास करें।
नशा मुक्ति अभियान के दौरान उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी व्यक्ति को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। युवाओं को खेल, कौशल विकास और रचनात्मक गतिविधियों की ओर बढ़ने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। सभी ने यह भरोसा दिलाया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करेंगे। आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के अभियान समय-समय पर अलग-अलग पंचायतों और गांवों में भी आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज के अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंच सके।
कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभात रंजन, बीसीओ विकास कुमार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राकेश कुमार, जीविका स्कूल संघ की अध्यक्ष मानुषी देवी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जीविका समूह की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि नशा मुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है जब प्रशासन और आम जनता मिलकर लगातार जागरूकता अभियान चलाएं।
इस अवसर पर परियोजना पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने भी लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए सामुदायिक भागीदारी सबसे आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाकर इस समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि लोगों की सोच में बदलाव लाना भी जरूरी है। इसके लिए जीविका समूह, शिक्षा विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों को मिलकर निरंतर जागरूकता कार्यक्रम चलाने होंगे।
आयोजकों का मानना है कि नुक्कड़ नाटक जैसे जनसंपर्क माध्यम लोगों तक संदेश पहुंचाने का सबसे प्रभावी तरीका हैं। सरल भाषा और वास्तविक जीवन की घटनाओं पर आधारित प्रस्तुतियों के कारण लोग आसानी से संदेश को समझते हैं और उससे जुड़ाव महसूस करते हैं। इसी उद्देश्य से आने वाले समय में भी सबौर प्रखंड के विभिन्न गांवों और सार्वजनिक स्थलों पर नशा मुक्ति से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में जनभागीदारी बढ़े और नशा मुक्त, स्वस्थ तथा जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में व्यापक बदलाव लाया जा सके।


