बांकीपुर उपचुनाव को लेकर प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, बोले- जनता बदलाव का मन बना चुकी है, भाजपा की हार तय

पटना में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर जन सुराज अभियान के प्रमुख प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर की जनता इस बार बदलाव के पक्ष में है और उपचुनाव के नतीजे बिहार की राजनीति की दिशा बदलने वाले साबित होंगे। उन्होंने कहा कि मतदाता अब पहले की तरह चुनावी वादों और पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों से प्रभावित नहीं होंगे, बल्कि अपने अनुभव और मुद्दों के आधार पर मतदान करेंगे। उनके अनुसार, यह उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं बल्कि बिहार की भावी राजनीति का संकेत भी होगा।

पटना के बांस घाट स्थित काली मंदिर परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि लोगों ने अपना मन बना लिया है और अब वे अपने वोट की ताकत का उपयोग सोच-समझकर करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में जो निर्णय जनता ने लिया था, अब उसका पुनर्मूल्यांकन हो रहा है और मतदाता अपने फैसले का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देने के लिए तैयार हैं। उनका कहना था कि बिहार के जागरूक और आर्थिक रूप से सक्षम वर्ग सहित बड़ी संख्या में मतदाता अब बदलाव की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं।

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि नवंबर 2025 में जो राजनीतिक परिस्थितियां बनी थीं, अब उनका असर पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने कहा कि जनता ने यह महसूस किया है कि चुनाव के दौरान किए गए कई वादे अपेक्षाओं के अनुरूप पूरे नहीं हुए। इसी कारण मतदाताओं के बीच इस बार अलग तरह का माहौल देखने को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि बांकीपुर उपचुनाव में मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग परिवर्तन के संदेश के रूप में करेंगे।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने चुनाव में धनबल के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चुनावों में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने कहा कि अब जनता ऐसे प्रयासों को समझ चुकी है और लोकतंत्र में अपने वोट का महत्व पहचान रही है। उनके अनुसार, इस बार मतदाता अपने निर्णय से उन राजनीतिक ताकतों को जवाब देंगे, जिन्होंने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की थी।

जन सुराज अभियान के प्रमुख ने दावा किया कि बांकीपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और जनता अब वैकल्पिक राजनीति की ओर देख रही है। उनका कहना था कि बिहार में लंबे समय से एक जैसी राजनीतिक व्यवस्था चल रही है, लेकिन अब लोग नए विकल्प की तलाश में हैं। उन्होंने कहा कि जन सुराज का उद्देश्य भी राज्य में मुद्दों पर आधारित राजनीति को मजबूत करना है।

प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार की राजनीति में नई सोच और नई कार्यशैली की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल चुनाव जीतना ही किसी राजनीतिक दल का उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि जनता के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और आधारभूत संरचना जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति जनहित से दूर हो जाती है तो लोकतंत्र कमजोर होता है।

प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने उनसे राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री अशोक चौधरी की हालिया टिप्पणियों को लेकर भी सवाल पूछा। इस पर प्रशांत किशोर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लंबे समय बाद उनकी ओर से सार्वजनिक बयान आया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय उन्हें अपने विभाग के काम पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार में जिम्मेदारी मिलने के बाद प्राथमिकता जनता के लिए काम करना होना चाहिए, न कि अनावश्यक राजनीतिक विवाद खड़ा करना।

उन्होंने आगे कहा कि मंत्रियों को अपने-अपने विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए विकास योजनाओं को गति देनी चाहिए। जनता की अपेक्षाएं केवल राजनीतिक बयान सुनने की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम देखने की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार में शामिल लोगों को प्रशासनिक जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना चाहिए।

प्रशांत किशोर ने अपने बयान में एक अन्य मंत्री का भी उल्लेख करते हुए राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर भी कई नेताओं को अपनी स्थिति का ध्यान रखते हुए संयमित बयान देने चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि अत्यधिक राजनीतिक बयानबाजी कभी-कभी सरकार के भीतर भी असहज स्थिति पैदा कर सकती है। हालांकि उन्होंने इस पूरे मुद्दे को राजनीतिक जवाब के रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि जनता अंततः विकास कार्यों के आधार पर ही निर्णय लेती है।

उन्होंने कहा कि जन सुराज अभियान लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहा है और जनता की वास्तविक समस्याओं को समझने का प्रयास कर रहा है। उनके अनुसार, बिहार में शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार के अवसर, पलायन, सिंचाई, कृषि और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे आज भी लोगों की सबसे बड़ी चिंता हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो केवल राजनीतिक नारों से जनता को लंबे समय तक संतुष्ट नहीं रखा जा सकता।

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में नए राजनीतिक विकल्पों की भूमिका और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम नागरिकों की अपेक्षाएं तेजी से बदल रही हैं। लोग अब जातीय और पारंपरिक समीकरणों से आगे बढ़कर विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही की राजनीति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जन सुराज इसी सोच के साथ जनता के बीच काम कर रहा है।

उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और वही तय करती है कि किसे अवसर देना है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों को जनता के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत देगा।

प्रेस वार्ता के दौरान जन सुराज अभियान के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में आगामी चुनावी रणनीति, संगठन के विस्तार और जनसंपर्क अभियान को लेकर भी चर्चा की गई। नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में जनता के बीच संवाद को और तेज किया जाएगा तथा स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

बांकीपुर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। विभिन्न दल अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार और भी अधिक सक्रिय होने की संभावना है। चुनावी मुकाबले में किस दल को जनता का समर्थन मिलता है, इसका फैसला मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल राजनीतिक बयान और दावे चुनावी माहौल को लगातार गर्म बनाए हुए हैं।

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