मालदा मंडल का सघन टिकट जांच अभियान, भागलपुर–जमालपुर–किऊल रेलखंड में 618 यात्री पकड़े गए, ₹6.83 लाख से अधिक जुर्माना वसूला

मालदा। रेलवे राजस्व की सुरक्षा, बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी रोक तथा यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने बुधवार को भागलपुर–जमालपुर–किऊल रेलखंड में व्यापक टिकट जांच अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के दौरान बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वाले कुल 618 यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई तथा उनसे कुल 6,83,950 रुपये का जुर्माना वसूला गया। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के विशेष जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व रेलवे के मालदा मंडल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में मंडल के विभिन्न रेलखंडों में नियमित रूप से टिकट जांच अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य रेलवे के राजस्व की सुरक्षा करना, बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। साथ ही वास्तविक टिकटधारी यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना भी इस अभियान का प्रमुख लक्ष्य है।

इसी क्रम में बुधवार को वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक कार्तिक सिंह के नेतृत्व में शिवनारायणपुर–भागलपुर–जमालपुर–किऊल रेलखंड पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विक्रमशिला एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनों में टिकटों की गहन जांच की गई। इसके अलावा भागलपुर, जमालपुर और इस रेलखंड के विभिन्न मध्यवर्ती रेलवे स्टेशनों पर भी बड़े पैमाने पर टिकट जांच अभियान संचालित किया गया।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष अभियान में वाणिज्य निरीक्षकों, टिकट जांच कर्मचारियों तथा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारियों और जवानों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। सभी टीमों ने ट्रेनों के विभिन्न कोचों, प्लेटफॉर्मों और रेलवे परिसरों में यात्रियों के टिकटों की जांच की। इस दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के अलावा ऐसे यात्रियों पर भी कार्रवाई की गई जो निर्धारित नियमों के अनुरूप यात्रा नहीं कर रहे थे।

रेलवे के अनुसार पूरे अभियान के दौरान कुल 618 मामले सामने आए, जिनमें बिना टिकट यात्रा और अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने वाले यात्री शामिल थे। सभी मामलों में रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करते हुए कुल 6,83,950 रुपये का जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान से न केवल रेलवे के राजस्व की सुरक्षा होती है, बल्कि नियमों का पालन करने वाले यात्रियों के हितों की भी रक्षा होती है।

मालदा मंडल के अधिकारियों ने बताया कि रेलवे समय-समय पर ऐसे विशेष अभियान चलाता है ताकि यात्रियों में वैध टिकट लेकर यात्रा करने की आदत विकसित हो। बिना टिकट यात्रा करने से रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है, जिसका प्रभाव यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और रेलवे के विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है। इसलिए रेलवे प्रशासन इस प्रकार की अनियमितताओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखता है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि टिकट जांच अभियान केवल जुर्माना वसूलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य यात्रियों में जागरूकता बढ़ाना भी है। कई बार देखा जाता है कि कुछ यात्री टिकट लिए बिना या गलत श्रेणी के टिकट के साथ यात्रा करते हैं। ऐसे मामलों में रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है और नियमानुसार जुर्माना वसूला जाता है।

इस अभियान के दौरान रेलवे सुरक्षा बल की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। आरपीएफ के जवानों ने टिकट जांच टीमों को आवश्यक सुरक्षा प्रदान की और विभिन्न स्टेशनों तथा ट्रेनों में जांच प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग किया। संयुक्त कार्रवाई के कारण अभियान प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ और बड़ी संख्या में मामलों का पता लगाया जा सका।

रेलवे प्रशासन का मानना है कि लगातार टिकट जांच अभियान चलाने से बिना टिकट यात्रा करने की प्रवृत्ति में कमी आती है। साथ ही इससे रेलवे की आय में भी वृद्धि होती है, जिसका उपयोग यात्री सुविधाओं के विस्तार, ट्रेनों के संचालन में सुधार, स्टेशन विकास और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में किया जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि मालदा मंडल के विभिन्न रेलखंडों में आगे भी नियमित और आकस्मिक टिकट जांच अभियान जारी रहेंगे। विशेष रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों, एक्सप्रेस ट्रेनों और अधिक यात्री संख्या वाले रेलखंडों पर निगरानी और सख्त की जाएगी। जहां भी बिना टिकट यात्रा या अनियमित टिकट के मामले सामने आएंगे, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें। यदि किसी यात्री को टिकट लेने में किसी प्रकार की समस्या हो तो वह रेलवे के अधिकृत टिकट काउंटर, ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन या ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली का उपयोग कर सकता है। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना वैध टिकट यात्रा करना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है और ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित टिकट जांच अभियान से रेलवे में अनुशासन और पारदर्शिता दोनों मजबूत होती हैं। इससे न केवल राजस्व की सुरक्षा होती है, बल्कि वास्तविक यात्रियों को भी बेहतर यात्रा अनुभव मिलता है। सीटों पर अनधिकृत कब्जा कम होता है और आरक्षित यात्रियों को भी सुविधा मिलती है।

मालदा मंडल ने स्पष्ट किया है कि रेलवे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। इसी उद्देश्य से टिकट जांच, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सेवाओं में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में भी भागलपुर, जमालपुर, किऊल सहित मंडल के अन्य प्रमुख रेलखंडों पर इसी प्रकार के सघन टिकट जांच अभियान जारी रहेंगे, ताकि रेलवे नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके और सभी यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का लाभ मिल सके।

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