
कोलकाता: विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। विधानसभा और संसद में पार्टी को झटके लगने के बाद अब वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद टीएमसी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है।
इधर, टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने पूरे घटनाक्रम के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
“ED और CBI का इस्तेमाल हो रहा”
मीडिया से बातचीत में कीर्ति आजाद ने कहा कि जो लोग सत्ता में लंबे समय तक रहे हैं, उनमें कुछ ने गलतियां की होंगी, लेकिन आज उन्हें डराया और धमकाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता दबाव में नहीं आते, उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है।
क्यों दिया चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इस्तीफा?
शनिवार को चंद्रिमा भट्टाचार्य ने टीएमसी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बताया कि उनका यह फैसला पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की एक टिप्पणी के बाद आया।
चंद्रिमा का आरोप है कि ममता बनर्जी ने फोन पर उनसे कहा कि उन्होंने ‘तृणमूल भवन’ को ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के हवाले कर दिया। इस आरोप से वे बेहद आहत हुईं और इसके बाद उन्होंने सभी पदों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
ममता ने संभाली प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी
चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे के बाद ममता बनर्जी ने स्वयं पार्टी के राज्य अध्यक्ष का पद संभाल लिया है।
वहीं टीएमसी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि चंद्रिमा के इस्तीफे से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनके मुताबिक, पार्टी पहले की तरह मजबूत है और सभी कार्यकर्ता ममता बनर्जी के नेतृत्व में पूरी तरह एकजुट हैं।
उन्होंने कहा कि किसी एक नेता के आने या जाने से तृणमूल कांग्रेस कमजोर नहीं होगी।


