
न्यूयॉर्क: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में नॉर्वे ने ब्राजील को 2-1 से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। एर्लिंग हालैंड के दो शानदार गोलों की बदौलत नॉर्वे पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया। हालांकि, मैच के आखिरी पलों में ब्राजील को मिली पेनल्टी के दौरान मैदान पर नेमार जूनियर और नॉर्वे के गोलकीपर ओर्जन नाइलैंड के बीच हुई तीखी नोकझोंक चर्चा का विषय बन गई।
पेनल्टी से पहले शुरू हुआ माइंड गेम
मैच में नॉर्वे के गोलकीपर ओर्जन नाइलैंड शानदार लय में थे। उन्होंने इससे पहले ब्राजील के ब्रूनो गुइमारेस की पेनल्टी को भी शानदार तरीके से रोक दिया था।
जब इंजरी टाइम में नेमार पेनल्टी लेने पहुंचे, तब नाइलैंड ने उनका ध्यान भटकाने और दबाव बनाने के लिए लगातार माइंड गेम्स खेलना शुरू कर दिया। वह नेमार से बातें कर उन्हें मानसिक रूप से विचलित करने की कोशिश करते रहे।
‘बताओ कहां मारूं?’
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोलकीपर की स्लेजिंग के जवाब में नेमार ने बेहद शांत अंदाज में मुस्कुराते हुए पूछा,
“बताओ… कहां मारूं? किस तरफ शॉट चाहिए?”
इस पर नाइलैंड ने आत्मविश्वास से जवाब दिया,
“मैं इसे रोक दूंगा… तुम्हारा शॉट मैं बचाकर दिखाऊंगा।”
लेकिन अगले ही पल नेमार ने बेहद संयम के साथ गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। गोल होते ही उन्होंने गोलकीपर की ओर उंगली दिखाते हुए कहा,
“Not to me… Not to me!”
यानी साफ संदेश कि उनके सामने मानसिक दबाव बनाने की कोशिश सफल नहीं होने वाली।
मुकाबला जीते, लेकिन मैच हार गए
हालांकि नेमार ने पेनल्टी पर गोल कर गोलकीपर के साथ अपना व्यक्तिगत मुकाबला जरूर जीत लिया, लेकिन यह गोल ब्राजील को हार से नहीं बचा सका। तब तक नॉर्वे 2-0 की बढ़त बना चुका था और नेमार का गोल केवल अंतर कम कर सका।
अंतिम सीटी बजते ही नॉर्वे ने 2-1 से जीत दर्ज करते हुए पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली, जबकि पांच बार का चैंपियन ब्राजील टूर्नामेंट से बाहर हो गया।
नेमार ने लिया संन्यास
इस हार के बाद 34 वर्षीय नेमार जूनियर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। चोटों से जूझ रहे नेमार इस विश्व कप में केवल दो मुकाबले ही खेल सके।
इसी के साथ ब्राजील की जर्सी में उनका 16 साल लंबा और यादगार अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त हो गया। अपने करियर में नेमार ने ब्राजील के लिए 129 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए 80 गोल किए और देश के इतिहास के सबसे सफल गोलस्कोरर बने।


