
न्यू जर्सी: फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में नॉर्वे से मिली हार के बाद ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर नेमार जूनियर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। 34 वर्षीय नेमार ने ब्राजील के लिए 129 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 80 गोल कर देश के सर्वकालिक सबसे सफल गोलस्कोरर के रूप में अपने करियर का अंत किया।
साधारण परिवार से विश्व फुटबॉल के शिखर तक
5 फरवरी 1992 को ब्राजील के साओ पाउलो राज्य के मोगी दास क्रूज़ेस में जन्मे नेमार का बचपन आर्थिक तंगी में बीता। उनके पिता नेमार सैंटोस सीनियर स्वयं फुटबॉलर थे, लेकिन चोट के कारण उनका करियर लंबा नहीं चल सका। बाद में उन्होंने ही बेटे के कोच और मार्गदर्शक की भूमिका निभाई।
मां नादिन गोंसाल्वेस ने कठिन परिस्थितियों में परिवार को संभाला। नेमार अपनी बहन राफाएला के बेहद करीब हैं और उनके सम्मान में उन्होंने अपने शरीर पर टैटू भी बनवाया है। नेमार के बेटे का नाम दावी लुक्का और बेटी का नाम मावी है।
ऐसे शुरू हुआ फुटबॉल करियर
महज 11 वर्ष की उम्र में नेमार ने सांतोस एफसी की यूथ अकादमी जॉइन की। 17 साल की उम्र में उन्होंने प्रोफेशनल फुटबॉल में पदार्पण किया और जल्द ही अपनी प्रतिभा से दुनिया का ध्यान आकर्षित कर लिया।
2009 से 2013 के बीच सांतोस के लिए उन्होंने 179 मैचों में 107 गोल किए और क्लब को ऐतिहासिक कोपा लिबर्टाडोरेस का खिताब दिलाया।
बार्सिलोना से पीएसजी तक
2013 में नेमार स्पेनिश क्लब बार्सिलोना से जुड़े, जहां उन्होंने लियोनेल मेसी और लुइस सुआरेज़ के साथ दुनिया की सबसे खतरनाक आक्रमण तिकड़ी बनाई। बार्सिलोना के लिए उन्होंने 123 मैचों में 68 गोल किए और क्लब को ला लीगा, कोपा डेल रे तथा यूईएफए चैंपियंस लीग का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
2017 में फ्रांस के क्लब पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) ने उन्हें 222 मिलियन यूरो की रिकॉर्ड ट्रांसफर फीस देकर अपनी टीम में शामिल किया। यह आज भी फुटबॉल इतिहास का सबसे महंगा ट्रांसफर माना जाता है। इसके बाद उन्होंने सऊदी अरब के क्लब अल-हिलाल के लिए भी खेला।
अंतरराष्ट्रीय करियर में रचा इतिहास
नेमार ने 2010 में ब्राजील की राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण किया। अपने करियर में उन्होंने:
- 129 अंतरराष्ट्रीय मैच
- 80 गोल
- ब्राजील के इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी
- महान पेले के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा
- 2013 फीफा कन्फेडरेशंस कप विजेता
- 2016 रियो ओलंपिक में ब्राजील को पहला फुटबॉल स्वर्ण पदक दिलाया
भावुक विदाई
विश्व कप 2026 से बाहर होने के बाद नेमार भावुक हो गए और मैदान पर ही रो पड़े। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने ब्राजील के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की पूरी कोशिश की।
नेमार का नाम हमेशा उन खिलाड़ियों में लिया जाएगा जिन्होंने अपनी प्रतिभा, रचनात्मक खेल और शानदार गोलों से विश्व फुटबॉल पर अमिट छाप छोड़ी।


