
कोलकाता। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों को स्वच्छ, सुरक्षित और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में पूर्व रेलवे ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। “ईस्टर्न रेलवे इज़ वॉचिंग यू” थीम पर आधारित इस अभियान का उद्देश्य रेलवे परिसरों में गंदगी फैलाने, थूकने और प्रतिबंधित स्थानों पर मूत्रत्याग जैसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है। इस पहल के तहत आधुनिक सीसीटीवी निगरानी प्रणाली का उपयोग करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है और रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उन पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है।
पूर्व रेलवे का यह विशेष अभियान 4 जुलाई 2026 से शुरू किया गया। अभियान का शुभारंभ पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने किया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि यात्रियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और रेलवे परिसरों को साफ-सुथरा बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देना भी है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि प्रतिदिन लाखों यात्री रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों का उपयोग करते हैं। ऐसे में यदि प्रत्येक यात्री स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करे तो स्टेशन परिसर और रेलगाड़ियां अधिक साफ, सुरक्षित और सुविधाजनक बन सकती हैं। हालांकि कुछ लोग अब भी सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने, पान-गुटखा थूकने और प्रतिबंधित स्थानों पर मूत्रत्याग जैसी गतिविधियां करते हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है। इसी समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए इस विशेष निगरानी अभियान की शुरुआत की गई है।
अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों और प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारी और कर्मचारी कैमरों की मदद से रेलवे परिसरों पर नजर रख रहे हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करते हुए दिखाई देता है, उसकी पहचान कर संबंधित अधिकारियों को सूचना दी जाती है। इसके बाद रेलवे के अधिकृत कर्मचारी मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई करते हैं।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अभियान के पहले ही दिन इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। हावड़ा मंडल में सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से 50 लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाते हुए पकड़ा गया। इन सभी मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। रेलवे का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से लोगों में नियमों का पालन करने की जागरूकता बढ़ेगी और भविष्य में ऐसे मामलों में कमी आएगी।
इसके अलावा प्रतिबंधित स्थानों पर मूत्रत्याग करने के 17 मामलों की भी पहचान की गई। इन मामलों में संबंधित लोगों से कुल 3,400 रुपये का जुर्माना वसूला गया। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना सभी यात्रियों और आगंतुकों की जिम्मेदारी है।
सीसीटीवी निगरानी के दौरान थूकने के दो मामलों का भी पता चला। इन मामलों में संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई करते हुए कुल 400 रुपये का जुर्माना लगाया गया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पान, गुटखा या अन्य पदार्थों को सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि इससे संक्रमण और बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए इस प्रकार की गतिविधियों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि यह अभियान केवल हावड़ा मंडल तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में पूर्व रेलवे के अन्य मंडलों और प्रमुख स्टेशनों पर भी आधुनिक निगरानी व्यवस्था के माध्यम से स्वच्छता नियमों के पालन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों के बेहतर उपयोग के साथ-साथ यात्रियों को भी लगातार जागरूक किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि रेलवे परिसरों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसमें यात्रियों की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। यदि लोग स्वयं जिम्मेदारी के साथ कूड़ेदान का उपयोग करें, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचें और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करें तो रेलवे परिसर अधिक साफ और स्वास्थ्यकर बन सकते हैं।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि रेलवे का लक्ष्य यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे रेलवे परिसरों को स्वच्छ बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और सभी निर्धारित नियमों का पालन करें। उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार के संयुक्त प्रयास से ही स्वच्छ रेलवे का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि सीसीटीवी निगरानी प्रणाली केवल सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कैमरों की मदद से नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों की पहचान आसानी से की जा रही है, जिससे कार्रवाई अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन रही है।
स्वच्छ रेलवे अभियान के तहत यात्रियों को समय-समय पर जागरूक भी किया जाएगा। स्टेशन परिसरों में घोषणाओं, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, पोस्टर और अन्य माध्यमों से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि रेलवे परिसर सभी की साझा संपत्ति है और इसकी स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यदि आधुनिक निगरानी तकनीक के साथ यात्रियों का सहयोग भी लगातार मिलता रहा तो आने वाले समय में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में स्वच्छता का स्तर और बेहतर होगा। इससे न केवल यात्रियों को साफ-सुथरा वातावरण मिलेगा, बल्कि रेलवे परिसरों की सुंदरता और व्यवस्था भी मजबूत होगी।
पूर्व रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान कूड़ा निर्धारित स्थान पर ही डालें, सार्वजनिक स्थानों पर थूकने और गंदगी फैलाने से बचें तथा स्वच्छता संबंधी सभी नियमों का पालन करें। रेलवे का कहना है कि स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा वातावरण तभी संभव है, जब प्रशासन और यात्री दोनों मिलकर अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें। इसी उद्देश्य के साथ पूर्व रेलवे भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार संचालित करता रहेगा, ताकि यात्रियों को बेहतर और अधिक स्वच्छ रेलवे सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


