
बिहार के बांका जिले में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम पर कथित बालू माफियाओं द्वारा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। धोरैया थाना क्षेत्र के पसहाना बालू घाट पर पुलिस जब अवैध बालू उठाव रोकने और कार्रवाई करने पहुंची, तभी बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने पुलिस टीम को घेर लिया और लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में एक अवर निरीक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इस मामले में नौ लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है, जबकि अन्य अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है।
जानकारी के अनुसार धोरैया थाना पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बिहार-झारखंड सीमा से सटे गेरुआ नदी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किया जा रहा है। आरोप है कि झारखंड की ओर से ट्रैक्टरों के जरिए बिहार की सीमा में प्रवेश कर बालू का अवैध उठाव किया जाता है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई और टीम को मौके पर भेजा गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अवर निरीक्षक प्रदीप कुमार चौधरी के नेतृत्व में अवर निरीक्षक सूरज कुमार वैभव, सतीश कुमार और अन्य पुलिसकर्मी पसहाना बालू घाट पहुंचे। मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने देखा कि बड़ी संख्या में ट्रैक्टर नदी क्षेत्र से बालू की ढुलाई कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में लगभग 30 से 40 ट्रैक्टर बिहार की सीमा के भीतर मौजूद पाए गए। पुलिस टीम को देखते ही अधिकांश चालक अपने वाहन छोड़कर मौके से भाग निकले।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया और उसे जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसी बीच स्थिति अचानक बदल गई। आरोप है कि ट्रैक्टर पकड़े जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। कुछ ही देर में दर्जनों लोगों ने पुलिस टीम को चारों ओर से घेर लिया।
एफआईआर के अनुसार हमलावरों ने पहले पुलिस से जब्त ट्रैक्टर छोड़ने की मांग की। जब पुलिस ने कार्रवाई जारी रखी तो आरोपियों ने लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। हमले के दौरान अवर निरीक्षक प्रदीप कुमार चौधरी के सिर पर गंभीर चोट लगी। अन्य पुलिसकर्मियों को भी ईंट-पत्थर लगने से चोटें आईं। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस टीम को अपनी सुरक्षा के लिए पीछे हटना पड़ा।
हमले का फायदा उठाकर आरोपियों ने जब्त किए गए ट्रैक्टर को भी छुड़ा लिया और उसे लेकर झारखंड की दिशा में फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूरी घटना को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया और सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस पर हमला किया।
घटना के बाद सभी घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल धोरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों ने घायल पुलिसकर्मियों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई है। हालांकि सिर में चोट लगने के कारण कुछ पुलिसकर्मियों की विशेष चिकित्सकीय जांच भी कराई गई।
घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अवर निरीक्षक प्रदीप कुमार चौधरी के बयान के आधार पर धोरैया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। दर्ज मामले में झारखंड के गोड्डा जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सौर पचीसा गांव के रहने वाले नगल मंडल, चंदन यादव, प्रदीप यादव, सुबोध यादव, संजय यादव, चंद्रशेखर यादव, मुन्ना मंडल, धोनी यादव और मिशु खान को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। आसपास के इलाकों में संभावित ठिकानों की पहचान कर पुलिस टीम कार्रवाई में जुटी हुई है। साथ ही घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।
धोरैया थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन का मामला कोई नया नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार बिहार और झारखंड की सीमा से सटे नदी क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध बालू उठाव की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद अवैध खनन पूरी तरह नहीं रुक पाया है। इस कारण सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध बालू खनन से नदियों का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है। अत्यधिक खनन के कारण नदी का प्रवाह प्रभावित होता है, कटाव बढ़ता है और आसपास की कृषि भूमि पर भी इसका असर पड़ता है। यही वजह है कि सरकार समय-समय पर अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाती रहती है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं। साथ ही सीमा से जुड़े इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में अवैध बालू खनन की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन और पुलिस पर हमले जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी।


