
गया: बिहार के गया जिले में पुलिस ने देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े करीब 2.91 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी गौतम कुमार को गिरफ्तार किया है, जो डोभी थाना क्षेत्र के अमारूत गांव का रहने वाला है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे साइबर नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
22 शिकायतों से खुला बड़ा नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि देश के अलग-अलग राज्यों से 22 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुई थीं, जिनमें कुल 2 करोड़ 91 लाख 18 हजार 286 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई थी।
एनसीआरपी पोर्टल के विश्लेषण में पता चला कि सभी मामलों में एक ही पॉइंट ऑफ सेल (POS) से जारी मोबाइल सिम कार्डों का इस्तेमाल किया गया था। ठगी में प्रयुक्त 11 संदिग्ध मोबाइल नंबर इसी पीओएस से सक्रिय किए गए थे।
एसएसपी के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम
गया के एसएसपी सुशील कुमार के निर्देश पर साइबर डीएसपी एआर दानिश के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई गई।
तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने पीओएस एजेंट की पहचान डोभी थाना क्षेत्र के अमारूत गांव निवासी गौतम कुमार के रूप में की। इसके बाद साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, पटना और गया साइबर थाना की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
47 सिम कार्ड बरामद
आरोपी के घर की तलाशी के दौरान पुलिस ने 47 सिम कार्ड बरामद किए, जिनमें 43 नए एयरटेल सिम कार्ड शामिल हैं।
पूछताछ में गौतम कुमार ने स्वीकार किया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों के नाम पर सिम कार्ड जारी करता था। एक सिम देने के नाम पर वह उनकी जानकारी के बिना दो-तीन अतिरिक्त सिम भी सक्रिय कर लेता था।
साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था सिम
पुलिस के अनुसार, आरोपी इन अतिरिक्त सक्रिय सिम कार्डों को साइबर ठगों तक पहुंचाता था, जिनका इस्तेमाल देशभर में ऑनलाइन ठगी के लिए किया जाता था।
इस मामले में गया साइबर थाना में कांड संख्या 103/26 दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
एसएसपी का बयान
गया के एसएसपी सुशील कुमार ने बताया,
“देश के विभिन्न राज्यों से 22 साइबर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। 11 मोबाइल नंबरों के माध्यम से करीब 2 करोड़ 91 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी। जांच में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। बरामद सिम कार्डों और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।”
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस साइबर सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है।


