
कैथल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा के कैथल में आयोजित ‘ब्रह्म शक्ति सम्मेलन’ में राम मंदिर निर्माण से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के दौरान दान, ज़मीन खरीद और अन्य व्यवस्थाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
“2021 से उठा रहा हूं यह मुद्दा”
सुरजेवाला ने दावा किया कि वह वर्ष 2021 से इस मुद्दे को लगातार उठाते रहे हैं और संबंधित दस्तावेज भी सार्वजनिक कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा,
“भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण में ज़मीन की खरीद-फरोख्त से लेकर कई मामलों में गंभीर सवाल उठे हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
दान की गई वस्तुओं को लेकर भी सवाल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई कुछ बहुमूल्य वस्तुओं के हिसाब-किताब को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि सोने के गहनों और चांदी की शिलाओं सहित कई दान की गई वस्तुओं के संबंध में पारदर्शिता की आवश्यकता है।
अन्य धार्मिक स्थलों का भी किया जिक्र
सुरजेवाला ने कहा कि केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि वृंदावन और केदारनाथ जैसे धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में भी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
उन्होंने मांग की कि सभी मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहे।
यूपी की राजनीति पर भी साधा निशाना
धार्मिक मुद्दे के साथ-साथ सुरजेवाला ने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण नेतृत्व को धीरे-धीरे राजनीतिक रूप से किनारे किया है और इससे समाज के एक वर्ग में असंतोष है।
उन्होंने दावा किया कि कई लोग इस विषय पर खुलकर बोल नहीं पा रहे हैं, जबकि अंदरूनी स्तर पर नाराजगी मौजूद है।
सुरजेवाला के इन बयानों के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज होने की संभावना है। फिलहाल इन आरोपों पर भाजपा या संबंधित संस्थाओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


