
पटना: बिहार सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए राज्य में आधुनिक कोचिंग हब विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी 6 जुलाई को राजस्थान के शैक्षणिक दौरे पर जाएंगे, जहां वे देशभर में चर्चित कोटा मॉडल का अध्ययन करेंगे।
राजस्थान के शीर्ष नेताओं से करेंगे मुलाकात
शिक्षा विभाग के अनुसार, दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से मुलाकात करेंगे।
इन बैठकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीक आधारित शिक्षण, विद्यालय प्रबंधन और विद्यार्थियों के हित से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर रहेगा फोकस
दौरा केवल औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं रहेगा। बिहार सरकार राजस्थान में लागू सफल शैक्षणिक मॉडलों का अध्ययन कर उन्हें राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाने की संभावनाओं पर विचार करेगी।
इस दौरान प्रमुख विषयों में शामिल होंगे—
- डिजिटल शिक्षा
- शिक्षकों का प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास
- विद्यालयी आधारभूत संरचना
- कौशल विकास कार्यक्रम
- विद्यार्थियों का समग्र शैक्षणिक विकास
कोटा मॉडल से सीख लेगा बिहार
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा कोटा मॉडल का अध्ययन रहेगा।
राजस्थान का कोटा शहर वर्षों से इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का देश का प्रमुख केंद्र रहा है। अब बिहार सरकार इसी अनुभव के आधार पर राज्य में भी आधुनिक और सुव्यवस्थित कोचिंग हब विकसित करने की योजना बना रही है।
पटना समेत अन्य शहरों में बन सकते हैं कोचिंग हब
प्रस्तावित योजना के तहत पटना के अलावा राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में ऐसे शैक्षणिक केंद्र विकसित किए जा सकते हैं, जहां एक ही परिसर में—
- गुणवत्तापूर्ण कोचिंग
- आधुनिक पुस्तकालय
- छात्रावास
- करियर काउंसिलिंग
- सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण
जैसी सुविधाएं उपलब्ध हों।
इससे विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय तैयारी के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार और नवाचार के लिए प्रतिबद्ध है।
“विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी की सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए होने वाले बड़े पैमाने पर पलायन को भी कम करने में मदद मिलेगी।” — मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री, बिहार
उन्होंने विश्वास जताया कि राजस्थान का यह शैक्षणिक दौरा दोनों राज्यों के बीच सहयोग को नई दिशा देगा और बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक माहौल को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


