
सहरसा: कोसी प्रक्षेत्र के सलखुआ थाना में कथित दलाली और पुलिस अनुसंधान को प्रभावित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष की औचक जांच में एक कथित दलाल को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से विभिन्न थानों की मूल केस फाइलें और केस डायरी बरामद हुईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सलखुआ थानाध्यक्ष सहित 10 पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
वायरल वीडियो के बाद DGP के निर्देश पर छापा
डीआईजी ने बताया कि हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक कथित दलाल सलखुआ थाना प्रभारी के कक्ष में बैठकर पुलिस अनुसंधान को प्रभावित करता दिखाई दे रहा था। डीजीपी के निर्देश पर 2 जुलाई को डीआईजी ने स्वयं सलखुआ थाना पहुंचकर औचक निरीक्षण किया।
दलाल के बैग से मिलीं केस फाइलें
जांच के दौरान गौसपुर मंदिर के पास नीली पल्सर बाइक से जा रहे सतीश कुमार (निवासी- बहुअरवा, सलखुआ) को रोका गया। तलाशी लेने पर उसके बैग से एक लैपटॉप, की-बोर्ड, माउस और विभिन्न थानों की कई मूल केस फाइलें व केस डायरी बरामद हुईं।
SIT जांच में बड़ा खुलासा
मामले की जांच के लिए एसडीपीओ सिमरी बख्तियारपुर मुकेश ठाकुर के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। जांच में खुलासा हुआ कि सतीश कुमार लंबे समय से थाना परिसर में सक्रिय था। वह कथित रूप से पुलिस अनुसंधान को प्रभावित करता था, लोगों से पैसे वसूलता था और लैपटॉप पर केस डायरी तैयार कर उपलब्ध कराता था।
थानाध्यक्ष समेत 10 पुलिसकर्मी निलंबित
सलखुआ थाना कांड संख्या 107/26 दर्ज कर सतीश कुमार को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 316(3), 318(4), 338, 336(3) एवं 340(2) के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
जांच में जिन अधिकारियों की केस फाइलें कथित दलाल के पास मिलीं, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया। निलंबित अधिकारियों में—
- थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह
- पुलिस अवर निरीक्षक सुबालाल पासवान
- पंकज कुमार
- जूही कुमारी
- शिशुपाल रविदास
- अमोद कुमार
- चंद्रजीत प्रभाकर
- पिंकी कुमारी
- सहायक अवर निरीक्षक मनीषा कुमारी
- पुलिस अवर निरीक्षक ज्योतिष कुमार
शामिल हैं। सभी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डीआईजी की चेतावनी
डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने कहा कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि किसी थाना या पुलिस कार्यालय में दलाली अथवा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग से दलाली जैसी अवैध प्रथाओं को समाप्त करना और पुलिस की साख मजबूत करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।


