भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिलौटी पहुंचे चिराग पासवान, परिजनों को दिया न्याय का भरोसा

आरा जिले में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर नई हलचल पैदा कर दी है। इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री शुक्रवार को शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार का हालचाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री की इस यात्रा को मामले के संदर्भ में काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

बिलौटी गांव पहुंचने के बाद चिराग पासवान ने सबसे पहले भरत तिवारी के परिवार के सदस्यों से अलग से बातचीत की। मुलाकात के दौरान परिवार के लोगों ने घटना से जुड़े कई पहलुओं को उनके सामने रखा। परिजनों ने बताया कि घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है और उन्हें अब तक पूरी तरह न्याय मिलने की उम्मीद बनी हुई है। केंद्रीय मंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

चिराग पासवान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर कोई नहीं है। सरकार का उद्देश्य निष्पक्ष जांच कराना और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी। उनका कहना था कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हर संवेदनशील मामले में पारदर्शी जांच हो और समय पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय में देरी कई बार लोगों के भरोसे को कमजोर करती है, इसलिए इस मामले में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।

मामले के दौरान एसडीपीओ राजेश शर्मा की पदोन्नति को लेकर भी सवाल उठे। इस संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि वह इस विषय पर बिहार सरकार से बातचीत करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि यदि किसी अधिकारी की भूमिका जांच के घेरे में आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पद या जिम्मेदारी किसी को जवाबदेही से मुक्त नहीं कर सकती।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच गांव में केंद्रीय मंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। गांव में स्थानीय लोगों की भी भारी भीड़ जुटी, जिन्होंने मंत्री के सामने अपनी भावनाएं और नाराजगी व्यक्त की। कई लोगों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भरत तिवारी की मौत को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि केवल औपचारिक जांच से काम नहीं चलेगा, बल्कि ऐसे सभी पहलुओं की गहराई से जांच होनी चाहिए जो इस मामले से जुड़े हैं।

चिराग पासवान ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि भावनात्मक माहौल में भी कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से काम करने दें और किसी अफवाह पर ध्यान न दें। उनका कहना था कि अफवाहें अक्सर जांच को प्रभावित करती हैं और वास्तविक तथ्यों को सामने आने से रोक सकती हैं।

राजनीतिक दृष्टिकोण से भी यह मामला काफी महत्वपूर्ण हो गया है। बिहार में कानून व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठाता रहा है। ऐसे में भरत तिवारी एनकाउंटर मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाओं से यह साफ है कि इस मामले पर नजरें बनी रहेंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी एनकाउंटर मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक होती है। यदि जांच निष्पक्ष और तथ्यात्मक आधार पर होती है, तो इससे जनता का विश्वास मजबूत होता है। वहीं यदि किसी स्तर पर लापरवाही या शक्ति का दुरुपयोग सामने आता है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई जरूरी हो जाती है।

भरत तिवारी के परिवार के लिए फिलहाल सबसे बड़ी उम्मीद न्याय की है। केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद परिवार को यह उम्मीद जरूर मिली है कि उनकी आवाज उच्च स्तर तक पहुंची है। हालांकि अंतिम संतोष तभी संभव होगा जब जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट निष्कर्ष सामने आएंगे और दोषियों पर ठोस कार्रवाई होगी।

फिलहाल बिलौटी गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। लोगों की नजर अब जांच की दिशा और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि जांच किस दिशा में बढ़ती है और क्या पीड़ित परिवार को वह न्याय मिल पाता है जिसकी उन्हें उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के दौरे ने इस मामले को नई राजनीतिक और प्रशासनिक गंभीरता जरूर दे दी है।

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