
पटना: भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया है। शुक्रवार को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान मांझी ने कहा कि इस मामले में उनका रुख शुरू से स्पष्ट है और पुलिस ने परिस्थितियों के अनुसार सही कार्रवाई की।
मांझी ने कहा, “अगर पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती तो पुलिसकर्मियों की जान भी जा सकती थी।” उन्होंने कहा कि एनकाउंटर को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन पूरे घटनाक्रम को परिस्थितियों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
भरत तिवारी को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए मांझी ने कहा कि अगर वे पूरी तरह निर्दोष थे तो उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला क्यों दर्ज था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भरत तिवारी के हाथ में दिखाई देने वाला रिवॉल्वर क्या लाइसेंसी था या नहीं।
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की मंशा हत्या करने की होती तो गोली सिर या सीने में मारी जाती, जबकि गोली कमर के नीचे लगी थी। हालांकि उन्होंने माना कि घटना में भरत तिवारी की मौत होना दुखद है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चूंकि इस मामले में न्यायिक जांच बैठ चुकी है, इसलिए फिलहाल ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
मांझी ने आरोपी पुलिस अधिकारियों पर दर्ज एफआईआर को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होना और दोषी साबित होना अलग-अलग बातें हैं। यदि जांच में कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो निश्चित रूप से उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।


