
भागलपुर: भागलपुर में लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही वर्षा का असर अब नदियों के जलस्तर पर साफ दिखने लगा है। कोसी और गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। जल संसाधन विभाग और केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दिनों में जलस्तर में और वृद्धि की संभावना जताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में 13-13 सेंटीमीटर बढ़ी है। जलस्तर में इस बढ़ोतरी के बाद आसपास के तटीय और निचले क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी तेज कर दी गई है। खासकर कटाव प्रभावित इलाकों और बाढ़ संभावित गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
वहीं गंगा नदी का जलस्तर भागलपुर में 4 सेंटीमीटर बढ़ा है। हालांकि अभी गंगा खतरे के निशान से 7.43 मीटर नीचे बह रही है, लेकिन प्रवृत्ति बढ़ने की बनी हुई है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि यदि बारिश का दौर जारी रहा तो आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर और ऊपर जा सकता है।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार कटिहार जिले के कुरसेला गेज स्टेशन पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 4.43 मीटर नीचे दर्ज किया गया है, लेकिन यहां भी पानी बढ़ने की रफ्तार बनी हुई है। इसी तरह मोकामा के हाथीदह गेज स्टेशन पर नदी खतरे के निशान से 7.07 मीटर नीचे बह रही है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी बारिश हो सकती है। इसका असर भागलपुर, मुंगेर और सुल्तानगंज समेत गंगा किनारे बसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। बाढ़ नियंत्रण तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।


