
भागलपुर, सुल्तानगंज। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। लाखों कांवड़ियों के आगमन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभाग अपनी-अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसी क्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने श्रावणी मेला क्षेत्र का स्थल निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मेला क्षेत्र में पड़ने वाले सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की।
जिला शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार शर्मा अजगैविनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने श्रावणी मेला के दौरान कांवड़ियों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का विस्तार से अवलोकन किया। श्रावणी मेला हर वर्ष बिहार के सुल्तानगंज से शुरू होकर देवघर तक जाने वाली कांवड़ यात्रा के कारण विशेष महत्व रखता है। इस दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होती है।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उन सरकारी विद्यालयों का विशेष रूप से जायजा लिया, जिनका उपयोग इस बार श्रावणी मेला के दौरान कांवड़ियों के ठहराव, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए किया जाना है। उन्होंने विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई, भवनों की स्थिति, पेयजल उपलब्धता, शौचालय व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का गहन निरीक्षण किया।
इस दौरान बीआरसी भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित श्रावणी मेला क्षेत्र में पड़ने वाले विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य मेला अवधि के दौरान स्कूलों के उपयोग, छात्रों की पढ़ाई और कांवड़ियों की सुविधा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।
मीडिया से बातचीत करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार शर्मा ने बताया कि इस बार श्रावणी मेला क्षेत्र में 14 सरकारी विद्यालयों का उपयोग कांवड़ियों की सुविधा के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों को अस्थायी विश्राम स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आराम, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों और वहां कार्यरत शिक्षकों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकतानुसार छात्रों और शिक्षकों को आसपास के अन्य विद्यालयों में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जाएगा ताकि शिक्षा व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे। प्रशासन का प्रयास है कि श्रावणी मेला की तैयारियों के साथ-साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो।
राज कुमार शर्मा ने कहा कि विद्यालयों में रंग-रोगन, भवनों की मरम्मत, शौचालयों की सफाई, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि विशाल जनसमूह के प्रबंधन का भी बड़ा उदाहरण है। ऐसे में प्रत्येक विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। शिक्षा विभाग भी इस बार अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभा रहा है ताकि स्कूल भवनों का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रभावी ढंग से किया जा सके।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अर्चना कुमारी को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि सभी विद्यालयों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां भी मरम्मत या अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत हो, वहां तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि मेला शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी हो सकें।
बैठक में मौजूद शिक्षकों ने भी अपने सुझाव साझा किए और विद्यालयों में बेहतर व्यवस्था को लेकर चर्चा की। कई शिक्षकों ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त पानी टैंक, सफाई कर्मियों की उपलब्धता और सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अधिकारियों ने इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
श्रावणी मेला बिहार और झारखंड के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से स्थानीय बाजारों, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में भी व्यापक गतिविधियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रशासनिक तैयारियां जितनी बेहतर होंगी, श्रद्धालुओं का अनुभव उतना ही सुगम और सुरक्षित होगा।
स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन द्वारा समय रहते किए जा रहे निरीक्षण और तैयारियों से इस बार श्रावणी मेला अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है। विशेष रूप से सरकारी विद्यालयों को कांवड़ियों के लिए तैयार करने की पहल से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान दर्जनों शिक्षक और शिक्षा विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर यह भरोसा दिलाया कि श्रावणी मेला के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में शिक्षा विभाग पूरी तरह सहयोग करेगा।
कुल मिलाकर, जिला शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार शर्मा का यह निरीक्षण श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। 14 सरकारी विद्यालयों में कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाकर प्रशासन इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।


