बांकीपुर उपचुनाव: तेज प्रताप यादव की पार्टी ने खेला पहला दांव, सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को बनाया उम्मीदवार

पटना: बिहार की सबसे चर्चित और वीवीआईपी मानी जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव आयोग द्वारा मतदान की तारीख घोषित किए जाने के बाद राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इसी बीच तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (JJD) ने सबसे पहले उम्मीदवार घोषित कर चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

पार्टी ने सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी बनाया है।

कौन हैं वीणा मानवी?

वीणा मानवी लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह महिलाओं के अधिकार, महिला सुरक्षा और सामाजिक उत्थान से जुड़े मुद्दों पर काम करती रही हैं। उनकी संस्था देश के नौ राज्यों में सामाजिक गतिविधियां संचालित करती है। महिला उत्पीड़न के खिलाफ चलाए गए अभियानों के कारण उनकी अलग पहचान बनी है।

पार्टी का दावा है कि महिला और वैश्य समाज में उनकी मजबूत पकड़ चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

‘जनता के बीच हमेशा रही हूं, सिर्फ चुनाव के समय नहीं’

उम्मीदवार बनाए जाने के बाद वीणा मानवी ने कहा कि वह पिछले कई वर्षों से बांकीपुर क्षेत्र में लगातार सामाजिक कार्य कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि जनता के बीच उनका संपर्क केवल चुनाव तक सीमित नहीं है और पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है।

उन्होंने तेज प्रताप यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेंगी और बेहतर परिणाम देने का प्रयास करेंगी।

प्रशांत किशोर पर भी साधा निशाना

प्रशांत किशोर के संभावित चुनाव लड़ने की चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए वीणा मानवी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भी जन सुराज ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन परिणाम सबके सामने हैं।

उन्होंने दावा किया कि उन्हें महिला मतदाताओं और वैश्य समाज का व्यापक समर्थन मिलेगा, जिससे उनकी जीत की संभावना मजबूत है।

बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है बांकीपुर सीट

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाती है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इस सीट से लगातार 2010, 2015, 2020 और 2025 में विधायक चुने गए। राज्यसभा जाने के बाद उनके इस्तीफे से यह सीट खाली हुई, जिसके बाद उपचुनाव कराया जा रहा है।

30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को परिणाम

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार:

  • 6 जुलाई: अधिसूचना जारी
  • 13 जुलाई: नामांकन की अंतिम तिथि
  • 14 जुलाई: नामांकन पत्रों की जांच
  • 16 जुलाई: नाम वापसी की अंतिम तिथि
  • 30 जुलाई: मतदान
  • 3 अगस्त: मतगणना एवं परिणाम

अब सबकी नजर बीजेपी और अन्य दलों पर

जनशक्ति जनता दल द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब सबसे ज्यादा नजरें बीजेपी, राजद, जन सुराज और अन्य दलों पर टिकी हैं। विशेषकर यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की परंपरागत सीट से किसे उम्मीदवार बनाती है और क्या प्रशांत किशोर स्वयं चुनावी मैदान में उतरते हैं।

बांकीपुर उपचुनाव अब सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीति और दलों की ताकत की बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है।

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