
पटना: बिहार की राजनीति का लंबे समय तक केंद्र रहा 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास आखिरकार खाली हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने करीब 20 वर्षों तक इस बंगले में रहने के बाद इसे खाली कर दिया है। अब वह राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के साथ पटना के कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में शिफ्ट हो गई हैं।
सरकारी नोटिस के बाद खाली किया आवास
भवन निर्माण विभाग ने 22 जून को राबड़ी देवी को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर सरकारी बंगला खाली करने का निर्देश दिया था। नोटिस जारी होने के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया था। तय प्रक्रिया के तहत अब सरकारी आवास खाली कर दिया गया है।
लालू-राबड़ी निजी आवास में, तेजस्वी का परिवार पोलो रोड शिफ्ट
सूत्रों के अनुसार, अब लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में रहेंगे।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की पत्नी और बच्चे पोलो रोड स्थित सरकारी आवास में शिफ्ट हो गए हैं।
20 वर्षों तक रहा बिहार की राजनीति का अहम केंद्र
राबड़ी देवी को वर्ष 2006 में बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद 10 सर्कुलर रोड स्थित यह सरकारी आवास आवंटित किया गया था।
पिछले दो दशकों में यह बंगला राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की राजनीति का प्रमुख केंद्र बना रहा। यहीं से पार्टी के कई महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसले लिए गए और परिवार ने कई बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों का सामना किया।
यहीं से तेजस्वी ने ली थी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ
यह बंगला केवल एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति का महत्वपूर्ण प्रतीक भी रहा। इसी आवास में रहते हुए तेजस्वी यादव ने बिहार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच यह बंगला लगातार चर्चा में बना रहा।
सरकार और विपक्ष के बीच चला था विवाद
बंगला खाली कराने की कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सम्राट चौधरी सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई करने का आरोप लगाया था।
हालांकि सरकार का कहना था कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और आवास आवंटन के नियमों के तहत पूरी की गई है।
अब राबड़ी देवी और उनका परिवार नए आवास में शिफ्ट हो चुका है, जिसके साथ ही बिहार की राजनीति के एक लंबे दौर का प्रतीक रहा 10 सर्कुलर रोड का अध्याय भी समाप्त हो गया।


