बिहार में शिक्षकों पर शिक्षा विभाग की बड़ी सख्ती: देर से आने और जल्दी जाने पर कटेगा वेतन, ई-शिक्षा कोष से होगी हाजिरी की निगरानी

बांका: बिहार के बांका जिले में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अब शिक्षकों का जून महीने का वेतन केवल ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर जारी किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई शिक्षक तीन दिन देर से विद्यालय पहुंचता है या निर्धारित समय से पहले विद्यालय छोड़ता है, तो उसके एक दिन के वेतन की कटौती की जाएगी।

24 घंटे में मांगी गई शिक्षकों की उपस्थिति रिपोर्ट

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) संजय कुमार यादव ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) और संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि वे 24 घंटे के भीतर ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज शिक्षकों की उपस्थिति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

साथ ही सभी बीईओ को अपने-अपने प्रखंड के शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति का सत्यापन कर प्रमाण पत्र जमा करने को कहा गया है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही जून माह के वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी।

‘इन’ और ‘आउट’ दोनों हाजिरी होगी अनिवार्य

नए निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक शिक्षक को विद्यालय पहुंचते समय ‘इन’ और विद्यालय छोड़ते समय ‘आउट’ उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा।

यदि किसी दिन शिक्षक पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज नहीं करते हैं, तो उन्हें उस दिन अनुपस्थित माना जाएगा और संबंधित दिन का वेतन काट लिया जाएगा।

‘मार्क ऑन ड्यूटी’ के नियम भी हुए सख्त

शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना सक्षम विभागीय या वरीय अधिकारी की अनुमति के दर्ज की गई ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ उपस्थिति मान्य नहीं होगी।

ऐसे मामलों में संबंधित शिक्षक को अनुपस्थित माना जाएगा और उस दिन का वेतन भी काटा जाएगा।

यदि कोई शिक्षक किसी अन्य व्यक्ति की फोटो या किसी अनुचित तरीके से उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ अलग से विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

आदेश के बाद शिक्षकों में बढ़ी हलचल

इस आदेश के जारी होने के बाद जिले के शिक्षकों के बीच हलचल तेज हो गई है। नियमित रूप से देर से विद्यालय पहुंचने या ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ का सहारा लेने वाले शिक्षक अब वेतन कटौती की आशंका से चिंतित हैं।

कई शिक्षक अपनी उपस्थिति रिकॉर्ड ठीक कराने और आवश्यक सत्यापन कराने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।

डीपीओ ने दी स्पष्ट चेतावनी

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) संजय कुमार यादव ने कहा,

“सभी शिक्षकों को निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचना और समय पर विद्यालय से निकलना अनिवार्य है। अब ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर ही वेतन भुगतान किया जाएगा। सभी बीईओ से सत्यापन प्रमाण पत्र भी मांगा गया है।”

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ा कदम

शिक्षा विभाग का मानना है कि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू होने से शिक्षकों की अनियमितता पर अंकुश लगेगा, विद्यालयों में नियमित पढ़ाई सुनिश्चित होगी और छात्रों को समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। विभाग इसे सरकारी विद्यालयों की कार्य संस्कृति सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।

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