
भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र से सूखे नशे के बढ़ते कारोबार और पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। महाशयड्योढ़ी और लालुचक इलाके में स्थानीय लोगों ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि इलाके में लंबे समय से सूखे नशे का कारोबार खुलेआम चल रहा है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब नशे के कारोबार का विरोध करने वाले एक व्यक्ति पर कथित तौर पर हमला कर दिया गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया और लोगों ने पुलिस के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाथनगर के महाशयड्योढ़ी इलाके में नशे का कारोबार अब सामाजिक समस्या का रूप ले चुका है। यहां कथित रूप से सूखे नशे की खरीद-बिक्री लगातार जारी है, जिसके कारण असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ गई है। इससे न केवल अपराध बढ़ रहा है बल्कि आम लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
विरोध करने पर हुई मारपीट
मामले के केंद्र में लालुचक निवासी बलदेव मंडल हैं, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर कथित नशे के कारोबार का विरोध किया। लोगों के अनुसार बलदेव मंडल ने इलाके में बढ़ती नशाखोरी और उससे जुड़े अपराधों के खिलाफ आवाज उठाई थी। आरोप है कि इसी विरोध के कारण उन पर हमला किया गया।
जानकारी के मुताबिक 29 जून की रात बलदेव मंडल और कथित नशा कारोबार से जुड़े लोगों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद के दौरान उनकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिसमें उनके सिर पर गंभीर चोट लगी। हमला इतना गंभीर बताया जा रहा है कि उन्हें तत्काल इलाज की आवश्यकता पड़ी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश दोनों फैल गया। लोगों का कहना है कि किसी नागरिक द्वारा गलत गतिविधियों का विरोध करना अपराध नहीं होना चाहिए, लेकिन यहां विरोध करने वालों को ही निशाना बनाया जा रहा है।
घायल अवस्था में थाने पहुंचे पीड़ित
हमले के बाद बलदेव मंडल उसी रात शिकायत दर्ज कराने नाथनगर थाने पहुंचे। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि घायल अवस्था में भी वे न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस के पास गए थे। उनका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद उनकी ओर से तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
यहीं से विवाद और गहरा गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ गया।
लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर पुलिस सख्ती दिखाती, तो क्षेत्र में तनाव इतना नहीं बढ़ता।
क्रॉस शिकायत के बाद बढ़ा विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के बाद कथित नशा कारोबार से जुड़े व्यक्ति की ओर से भी पुलिस में आवेदन दिया गया। उस आवेदन में बलदेव मंडल और अन्य लोगों पर रंगदारी मांगने जैसे आरोप लगाए गए।
यही बिंदु पूरे मामले में विवाद का कारण बना। आरोप है कि पुलिस अगले दिन कार्रवाई के लिए पहुंची, लेकिन वह पीड़ित बलदेव मंडल की शिकायत के आधार पर नहीं बल्कि दूसरे पक्ष के आवेदन पर सक्रिय हुई।
इस बात ने स्थानीय लोगों के बीच नाराजगी को और बढ़ा दिया। लोगों का कहना है कि पुलिस को निष्पक्ष तरीके से दोनों पक्षों की जांच करनी चाहिए थी।
पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
पुलिस कार्रवाई से नाराज महाशयड्योढ़ी और लालुचक के लोग एकजुट होकर सड़क पर उतर आए। महिला और पुरुष दोनों बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नशे के कारोबार पर रोक लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। लोगों का कहना था कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता, तो इलाके में अपराध का दायरा इतना नहीं बढ़ता।
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों ने कहा कि नशे का कारोबार केवल व्यक्तिगत नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे समाज की शांति प्रभावित हो रही है।
नशे से बढ़ रहे अपराध
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सूखे नशे का कारोबार बढ़ने के साथ-साथ चोरी और अन्य अपराधों में भी इजाफा हुआ है। महिलाओं और बुजुर्गों ने बताया कि इलाके में बाहरी लोग लगातार नशा खरीदने आते हैं।
लोगों के अनुसार नशे की लत में फंसे असामाजिक तत्व अब चोरी जैसी घटनाओं को भी अंजाम दे रहे हैं। किसी के घर से सामान चोरी हो रहा है, तो कहीं पशु चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं।
इससे लोगों में डर का माहौल बन गया है। कई परिवारों ने रात में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अब सामान्य जीवन प्रभावित होने लगा है।
महिलाओं ने भी उठाई आवाज
विरोध प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे की वजह से क्षेत्र का सामाजिक माहौल खराब हो रहा है और परिवारों पर भी इसका असर पड़ रहा है।
महिलाओं ने कहा कि कई बार नशे में धुत लोग इलाके में हंगामा करते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को खतरा पैदा होता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल के दिनों में कुछ नशेड़ियों को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया गया था।
इसके बावजूद यदि कार्रवाई नहीं होती, तो अपराधियों के हौसले और बढ़ते हैं। महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
मायागंज अस्पताल में चल रहा इलाज
घायल बलदेव मंडल फिलहाल भागलपुर के (मायागंज अस्पताल) में इलाजरत हैं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
परिजनों का कहना है कि वे न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं। उनका आरोप है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो इलाके में गलत संदेश जाएगा।
कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे वरीय अधिकारियों से शिकायत
स्थानीय लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेंगे। लोगों ने मांग की है कि नशे के कथित कारोबार की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
भागलपुर के नाथनगर से सामने आया यह मामला केवल एक मारपीट की घटना नहीं, बल्कि नशे के बढ़ते प्रभाव, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा जैसे बड़े सवाल खड़े करता है। अब सबकी नजर पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।


