महाराष्ट्र TET पेपर लीक कांड में बड़ा खुलासा, बेटी के जन्मदिन से पहले घर पहुंची पुलिस; परीक्षा माफिया फरार, पत्नी गिरफ्तार

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है, हालांकि इस कार्रवाई के दौरान कथित मास्टरमाइंड पुलिस के हाथ नहीं लग सका। लंबे समय से फरार चल रहे परीक्षा माफिया बिजेंद्र गुप्ता की तलाश में बिहार एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पटना में उसके ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बिजेंद्र अपनी छोटी बेटी के जन्मदिन के अवसर पर घर जरूर पहुंचेगा, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह फरार हो गया। इस कार्रवाई में उसकी पत्नी सुमन कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार महाराष्ट्र TET पेपर लीक कांड केवल एक साधारण परीक्षा घोटाला नहीं, बल्कि कई राज्यों में फैले एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट के वित्तीय और तकनीकी नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन और संगठित गिरोह की भूमिका सामने आई है।

सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र के ठाणे जिले की भिवंडी पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता अपनी बेटी के जन्मदिन पर पटना स्थित फ्लैट पर आएगा। इसी इनपुट के आधार पर बिहार एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस ने सोमवार देर रात पटना के अगमकुआं स्थित गांधी नगर इलाके में छापेमारी की। टीम ने पूरे इलाके को घेरकर सघन तलाशी अभियान चलाया।

जब पुलिस फ्लैट पर पहुंची तो वहां जन्मदिन समारोह की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। घर के बाहर टेंट लगाया गया था और भोज की व्यवस्था भी की जा चुकी थी। परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग समारोह की तैयारी में जुटे थे। लेकिन अचानक पुलिस की कार्रवाई ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस ने कई घंटों तक फ्लैट और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी की। अधिकारियों को उम्मीद थी कि बिजेंद्र किसी भी समय घर पहुंच सकता है। हालांकि काफी इंतजार के बावजूद वह वहां नहीं आया। पुलिस का अनुमान है कि उसे छापेमारी की भनक पहले ही लग गई थी, जिसके बाद उसने अपना लोकेशन बदल लिया।

आरोपी के न मिलने पर पुलिस ने उसकी पत्नी सुमन कुमारी को हिरासत में लिया और बाद में औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की। आसपास के लोगों के अनुसार रात में पुलिस उसे अपने साथ लेकर चली गई। अगली सुबह जब जन्मदिन समारोह के लिए मिठाई बनाने कारीगर पहुंचे तो फ्लैट पर ताला लगा मिला, जिससे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

महाराष्ट्र पुलिस सुमन कुमारी को अपने साथ भिवंडी ले गई, जहां उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उसे 6 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ से पेपर लीक सिंडिकेट से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने फ्लैट से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज भी बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल स्टोरेज डिवाइस और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इन सभी सामग्रियों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक में किस तकनीकी माध्यम का इस्तेमाल किया गया।

जांच एजेंसियों का दावा है कि सुमन कुमारी केवल परिवार की सदस्य भर नहीं थीं, बल्कि कथित तौर पर पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका थी। आरोप है कि उन्हें प्रश्नपत्र लीक योजना की पूरी जानकारी थी। पुलिस का कहना है कि वह अवैध कमाई का हिसाब-किताब रखती थीं और गिरोह के सदस्यों के बीच धन वितरण में भी शामिल थीं।

जांच अधिकारियों के मुताबिक उनके खिलाफ पर्याप्त प्रारंभिक साक्ष्य मिले हैं। वित्तीय लेन-देन, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच के बाद उनकी भूमिका और स्पष्ट हो सकती है। यही कारण है कि पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है।

इस मामले में इससे पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। 27 जून को महाराष्ट्र पुलिस ने पटना निवासी राजीव शाह, आकाश और हरियाणा निवासी धीरज को ठाणे के भिवंडी स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके पास से TET परीक्षा के चार सेट प्रश्नपत्र बरामद करने का दावा किया था। इस बरामदगी ने जांच को निर्णायक दिशा दी।

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बिजेंद्र गुप्ता का नाम पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड के रूप में बताया। पुलिस के अनुसार इन्हीं बयानों के आधार पर बिजेंद्र की तलाश तेज की गई। उसके नेटवर्क, संपर्कों और आर्थिक गतिविधियों की निगरानी शुरू की गई।

जांच में सामने आया है कि बिजेंद्र गुप्ता पिछले लगभग 25 वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराने वाले नेटवर्क से जुड़ा रहा है। यदि यह दावा सही साबित होता है तो यह देश के सबसे पुराने और संगठित परीक्षा माफिया नेटवर्क में से एक हो सकता है। पुलिस का कहना है कि इतने लंबे समय में उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की।

जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि बिजेंद्र ने विभिन्न राज्यों में कई फ्लैट और संपत्तियां खरीदी हैं। उसकी संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच की जा रही है। आर्थिक अपराध इकाइयों को भी इस मामले से जुड़े वित्तीय पहलुओं की जांच में शामिल किया जा सकता है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र TET प्रश्नपत्र बेचने के लिए गिरोह ने संभावित खरीदारों से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की मांग की थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि परीक्षा घोटाले का कारोबार कितना बड़ा और लाभकारी बन चुका है। शिक्षा व्यवस्था पर ऐसे गिरोहों का असर बेहद गंभीर माना जा रहा है।

बिजेंद्र गुप्ता का नाम पहले भी विवादों में रहा है। जांच में यह बात सामने आई है कि वर्ष 2023 के ओडिशा JEE पेपर लीक मामले में भी उसका नाम सामने आया था। इसके अलावा बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में उसके खिलाफ मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा प्रणाली को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डालती हैं। जब प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो जाते हैं तो ईमानदार उम्मीदवारों का विश्वास प्रणाली से उठने लगता है।

कुल मिलाकर महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामला अब एक बड़े अंतरराज्यीय परीक्षा माफिया नेटवर्क के रूप में सामने आ रहा है। मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता अभी भी फरार है, लेकिन उसकी पत्नी की गिरफ्तारी और डिजिटल साक्ष्यों की बरामदगी ने जांच को नई दिशा दे दी है। अब सभी की नजर इस पर है कि पुलिस कब तक मास्टरमाइंड तक पहुंचती है और इस नेटवर्क की पूरी सच्चाई सामने आती है।

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