
पटना: बिहार के चर्चित रिशु श्री टेंडर मामले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि यदि इस मामले की जांच अदालत की निगरानी में कराई जाए तो बिहार के 9 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में आ सकती है।
आनंद किशोर की भूमिका की जांच की मांग
सुधाकर सिंह ने कहा कि वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि कथित टेंडर अनियमितताओं में उनकी भूमिका की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराना जरूरी है।
प्रधान सचिव पर संरक्षण देने का आरोप
आरजेडी सांसद ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने आनंद किशोर को संरक्षण दिया, जिसके कारण कथित अनियमितताओं को बढ़ावा मिला।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों या राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
‘9 वरिष्ठ IAS अधिकारियों की भी हो जांच’
सुधाकर सिंह ने दावा किया कि यह मामला केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यदि निष्पक्ष जांच कराई गई तो बिहार के 9 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
उन्होंने कहा कि जांच किसी दबाव के बिना और न्यायिक निगरानी में होनी चाहिए ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
चारा घोटाले का दिया उदाहरण
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुधाकर सिंह ने चारा घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि उस मामले की जांच न्यायिक निगरानी में हुई थी। उन्होंने मांग की कि इसी तर्ज पर रिशु श्री टेंडर मामले की भी कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए।
शिक्षा विभाग में अनियमितताओं का भी आरोप
सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में शिक्षा विभाग के अंतर्गत आयोजित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केवल टेंडर मामले ही नहीं, बल्कि परीक्षा संचालन और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों की भी व्यापक और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
आरजेडी सांसद द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद बिहार की राजनीति में टेंडर मामले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, इन आरोपों पर राज्य सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।


