पंचायत विकास दिवस पर जीविका दीदियों की जागरूकता रैली, 242 पंचायतों में 14,500 से अधिक महिलाओं ने दिया नशामुक्त बिहार का संदेश

भागलपुर, 28 जून 2026। पंचायत विकास दिवस के शुभारंभ अवसर पर भागलपुर जिले में जीविका दीदियों ने मद्य निषेध, लैंगिक समानता और सामाजिक जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। जिले की सभी 242 पंचायतों में रविवार को जीविका समूहों की महिलाओं द्वारा प्रभात फेरी सह जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें 14,500 से अधिक महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। यह अभियान न केवल शराबबंदी कानून के प्रति जनजागरूकता फैलाने का माध्यम बना, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक प्रभावशाली पहल के रूप में सामने आया।

जिले के प्रत्येक पंचायत में जीविका संपोषित 1984 महिला ग्राम संगठनों और 49 जीविका महिला संकुल स्तरीय संघों के नेतृत्व में इस जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। सुबह से ही गांवों, टोलों और पंचायत क्षेत्रों में जीविका दीदियों का उत्साह देखने लायक था। महिलाएं हाथों में तख्तियां, बैनर और जागरूकता संदेश लिए नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करती नजर आईं।

प्रभात फेरी के दौरान जीविका दीदियों ने विभिन्न नारों के माध्यम से लोगों को शराब सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। रैली में “नशा छोड़ो, परिवार जोड़ो”, “शराब मुक्त हो हर घर-द्वार, तभी बनेगा बिहार महान” और “नशा त्यागो, जीवन अपनाओ” जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। इन नारों के माध्यम से महिलाओं ने समाज को यह संदेश दिया कि शराब केवल व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है।

जीविका दीदियों ने आमजन को बताया कि शराब सेवन का असर केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मानसिक तनाव, घरेलू हिंसा, आर्थिक संकट और सामाजिक अस्थिरता का भी बड़ा कारण बनता है। उन्होंने लोगों को समझाया कि शराब की लत परिवार की आय को प्रभावित करती है और कई बार बच्चों की शिक्षा तथा परिवार के भविष्य पर भी नकारात्मक असर डालती है।

इस अवसर पर जीविका दीदियों ने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून को सफल बनाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज स्वयं जागरूक होकर नशे के खिलाफ खड़ा नहीं होगा, तब तक पूर्ण परिवर्तन संभव नहीं है।

महिलाओं ने नशामुक्त, स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध बिहार के निर्माण में सभी वर्गों की भागीदारी का आह्वान किया। उनका कहना था कि सामाजिक बदलाव केवल कानून से नहीं आता, बल्कि जनभागीदारी और सामूहिक जागरूकता से आता है। यही संदेश इस प्रभात फेरी के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

जिले के सभी प्रखंडों में जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि ग्रामीण महिलाओं की भूमिका अब केवल परिवार तक सीमित नहीं रह गई है। वे सामाजिक बदलाव की अग्रदूत बनकर उभर रही हैं। जीविका समूहों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ सामाजिक नेतृत्व की भूमिका निभाने का अवसर भी दिया है।

यह जागरूकता अभियान ग्रामीण समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि महिलाएं यदि संगठित होकर किसी सामाजिक मुद्दे पर आगे आती हैं, तो उसका व्यापक प्रभाव समाज पर पड़ता है। शराबबंदी को लेकर महिलाओं की एकजुटता ने लोगों के बीच गहरा संदेश छोड़ा।

गौरतलब है कि पंचायती राज विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार अब प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में “पंचायत विकास दिवस” आयोजित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पंचायतों को विकास का वास्तविक केंद्र बनाना और जनभागीदारी के माध्यम से ग्रामीण विकास को गति देना है।

बिहार सरकार द्वारा पंचायत विकास दिवस मनाने का निर्णय ग्रामीण प्रशासन और स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस मंच के माध्यम से पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा, समस्याओं की पहचान और समाधान पर चर्चा की जाएगी।

इस माह पंचायत विकास दिवस की थीम “महिला हितैषी ग्राम पंचायत” रखी गई है। इस थीम के तहत पंचायत स्तर पर महिलाओं की समृद्धि, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंचायतों में बनने वाली योजनाओं में महिलाओं की जरूरतों और अधिकारों को केंद्र में रखा जाए।

भागलपुर जिले में पंचायत विकास दिवस का मुख्य शुभारंभ सबौर प्रखंड के बरारी पंचायत भवन, बहादुरपुर में आयोजित कार्यक्रम के साथ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव सह भागलपुर के प्रभारी सचिव दीपक आनंद तथा जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने किया। कार्यक्रम में जिले के कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

बरारी पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने भाग लिया। उनकी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि पंचायत विकास दिवस में महिलाओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। जीविका समूह की महिलाओं ने पंचायत विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।

कार्यक्रम के दौरान जनसंपर्क विभाग द्वारा नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया। कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से मद्य निषेध, सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। नाटक ने उपस्थित लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया और समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा दी।

जीविका दीदियों की यह जागरूकता रैली केवल एक अभियान नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक चेतना, नेतृत्व क्षमता और परिवर्तनकारी शक्ति का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई। भागलपुर में आयोजित यह पहल इस बात का प्रमाण है कि जब महिलाएं सामाजिक मुद्दों पर संगठित होकर आगे आती हैं, तो बदलाव की दिशा और गति दोनों तेज हो जाती हैं। पंचायत विकास दिवस के अवसर पर दिया गया यह संदेश आने वाले समय में नशामुक्त और सशक्त बिहार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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