पंचायतों के सर्वांगीण विकास में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण : जिलाधिकारी अलंकृता पांडे

भागलपुर। पंचायतों के समग्र और सतत विकास में आम लोगों की भागीदारी सबसे अहम भूमिका निभाती है। जब पंचायत स्तर पर जनता, प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर कार्य करते हैं, तभी विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पाता है। यह बातें भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने पंचायत विकास दिवस के अवसर पर बरारी ग्राम पंचायत में आयोजित कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहीं।

जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार सरकार के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य पंचायतों को अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकासोन्मुख बनाना है। उन्होंने बताया कि पंचायत विकास दिवस के माध्यम से पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा, स्थानीय समस्याओं की पहचान और समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इसी क्रम में रविवार को बरारी पंचायत सहित जिले के सभी पंचायतों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पंचायत स्तर पर विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन पंचायत और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने जानकारी दी कि बरारी पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में भागलपुर जिले के प्रभारी सचिव की भी उपस्थिति रही। उनके आगमन से कार्यक्रम को विशेष महत्व मिला और पंचायत विकास को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता का संदेश गया। उन्होंने कहा कि प्रभारी सचिव ने पंचायत के विकास कार्यों की समीक्षा की और ग्रामीणों से सीधे संवाद भी किया।

उन्होंने विशेष रूप से कार्यक्रम में महिलाओं, स्कूली बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। जिलाधिकारी ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं, छात्र-छात्राओं और युवाओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि अब पंचायत स्तर पर विकास को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। यह सकारात्मक संकेत है कि समाज के विभिन्न वर्ग विकास प्रक्रिया में स्वयं को भागीदार मान रहे हैं।

अलंकृता पांडे ने कहा कि किसी भी पंचायत का सर्वांगीण विकास केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है। इसके लिए आवश्यक है कि पंचायत के लोग स्वयं अपनी समस्याओं और प्राथमिकताओं को समझें और विकास योजनाओं के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। जब योजनाएं स्थानीय जरूरतों के आधार पर बनती हैं, तब उनका प्रभाव अधिक व्यापक और स्थायी होता है।

उन्होंने कहा कि जनभागीदारी का अर्थ केवल कार्यक्रमों में उपस्थित होना नहीं है, बल्कि पंचायत के विकास से जुड़े निर्णयों में रचनात्मक सहयोग देना भी है। गांव के लोग यदि जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाएं, तो पंचायत विकास की गति कई गुना बढ़ सकती है।

जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायत विकास दिवस का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समाज में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। पंचायत केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे मजबूत बुनियादी संरचना है। गांवों के विकास से ही जिला और राज्य का विकास संभव है। इसलिए पंचायतों का मजबूत होना आवश्यक है।

उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी लोग अपने-अपने पंचायतों के विकास और सशक्तिकरण के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण मिलकर काम करें तो विकास के बेहतर परिणाम सामने आएंगे। सामूहिक प्रयासों से ही आत्मनिर्भर पंचायत का सपना साकार किया जा सकता है।

संवाददाताओं के एक प्रश्न के उत्तर में जिलाधिकारी ने भागलपुर में अपने अब तक के प्रशासनिक अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा कि जिले में अब तक का उनका अनुभव काफी सकारात्मक रहा है। भागलपुर के लोग जागरूक, सहयोगी और विकास के प्रति सजग हैं, जो प्रशासन के लिए प्रेरणादायक है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन टीम भावना के साथ कार्य कर रहा है। विभिन्न विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय के साथ जनता की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। प्रशासन की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि विकास केवल आधारभूत संरचना तक सीमित नहीं होना चाहिए। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में भी समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है। इन सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास ही समाज को आगे बढ़ाने का आधार बनेगा।

उन्होंने महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत अहम होती है। जब महिलाएं सशक्त होती हैं तो परिवार, समाज और पंचायत सभी मजबूत बनते हैं। इसलिए पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी पंचायत विकास की सबसे बड़ी ताकत है। युवा यदि सामाजिक जिम्मेदारी को समझें और अपने गांव के विकास में योगदान दें, तो आने वाले वर्षों में ग्रामीण भारत की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। तकनीक, शिक्षा और नवाचार के माध्यम से युवा पंचायतों को नई दिशा दे सकते हैं।

जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि भागलपुर को विकास के नए आयाम तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन आमजन के सहयोग से जिले के विकास के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा जब जनता उसमें सहभागी बने और विकास को अपना सामूहिक लक्ष्य माने।

बरारी पंचायत में आयोजित पंचायत विकास दिवस ने यह स्पष्ट कर दिया कि पंचायतों के सर्वांगीण विकास की असली ताकत जनभागीदारी में निहित है। प्रशासन और जनता के बीच मजबूत समन्वय ही विकास की नई इबारत लिख सकता है। यही संदेश इस आयोजन के माध्यम से पूरे जिले में दिया गया।

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