शाहजंगी पंचायत के समुदाय भवन में मनाया गया पंचायत विकास दिवस, ग्रामीण विकास और जनभागीदारी पर हुई विशेष चर्चा

भागलपुर। बिहार सरकार की पहल के तहत प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को आयोजित किए जाने वाले पंचायत विकास दिवस के अंतर्गत भागलपुर के शाहजंगी पंचायत स्थित समुदाय भवन में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड के कई अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, वार्ड सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं की समीक्षा करना, ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना और सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में जनभागीदारी सुनिश्चित करना था।

कार्यक्रम के दौरान ग्राम सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें पंचायत क्षेत्र के लोगों ने अपनी समस्याएं, सुझाव और विकास से जुड़ी आवश्यकताओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। पंचायत विकास दिवस के इस आयोजन ने ग्रामीणों को प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया। ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर पेयजल, सड़क, स्वच्छता तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर अपनी बात रखी।

कार्यक्रम में पंचायत कार्यपालक सहायक और प्रखंड लेखपाल ने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभ प्राप्त करने के तरीकों के बारे में भी अवगत कराया।

अधिकारियों ने बताया कि पंचायत विकास दिवस का मुख्य उद्देश्य पंचायतों को अधिक सशक्त बनाना और विकास कार्यों में लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। अब हर महीने के आखिरी रविवार को पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जाएगा, जहां पंचायत स्तर पर विकास की समीक्षा और आगामी योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। इससे पंचायतों में विकास कार्यों की गति तेज होगी और स्थानीय समस्याओं के समाधान में भी तेजी आएगी।

कार्यक्रम में शाहजंगी पंचायत की मुखिया बीवी तरन्नुम ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायत हमारे लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी है। उन्होंने कहा कि गांव का वास्तविक विकास तभी संभव है जब जनता की भागीदारी सुनिश्चित हो और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल तक प्रभावी तरीके से पहुंचें। पंचायत केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि गांव के विकास का केंद्र है, जहां से स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास की दिशा तय होती है।

बीवी तरन्नुम ने कहा कि वह सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और गाइडलाइन के अनुरूप पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में उनकी प्राथमिकता है कि क्षेत्र के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को सफल बनाने के लिए जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है।

मुखिया ने ग्रामीणों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए जल आपूर्ति से जुड़ी गंभीर समस्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जल-कल योजना के तहत कई लोगों को अभी भी नियमित रूप से पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यह पंचायत के सामने एक बड़ी चुनौती है, जिस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को संबंधित विभागों के समक्ष रखा गया है और इसके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

बीवी तरन्नुम ने कहा कि स्वच्छ पेयजल हर नागरिक का अधिकार है और पंचायत की कोशिश है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंचायत प्रशासन लोगों की मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगा।

कार्यक्रम के दौरान सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर विशेष चर्चा हुई। इनमें ग्रामीण आवास, पेयजल, स्वच्छता, सड़क निर्माण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाएं प्रमुख रहीं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है।

ग्रामीणों ने भी इस अवसर का उपयोग करते हुए अपनी समस्याओं और सुझावों को खुलकर रखा। कई ग्रामीणों ने पंचायत विकास दिवस जैसी पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे गांव के लोगों को अपनी बात सीधे रखने का अवसर मिलता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे आयोजनों से विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति दोनों आएगी।

कार्यक्रम में मौजूद वार्ड सदस्यों ने भी पंचायत स्तर पर समन्वय और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि पंचायत विकास तभी संभव है जब पंचायत प्रतिनिधि, प्रशासन और आमजन एक साथ मिलकर कार्य करें। सभी ने पंचायत को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

पंचायत विकास दिवस का आयोजन यह संदेश देने में सफल रहा कि ग्रामीण विकास केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं, बल्कि इसमें जनता की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। जब ग्रामीण अपनी समस्याओं और जरूरतों को सीधे पंचायत के समक्ष रखते हैं, तब योजनाएं अधिक प्रभावी और परिणामदायी बनती हैं।

शाहजंगी पंचायत में आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। पंचायत विकास दिवस ने एक बार फिर यह साबित किया कि गांवों के विकास की मजबूत नींव स्थानीय भागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही रखी जा सकती है। आने वाले समय में ऐसे नियमित आयोजन पंचायतों को अधिक सशक्त, जवाबदेह और विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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