
पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार पर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक कार्यशैली और विभिन्न कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद सरकार भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रही है।
रिशु श्री मामले पर सरकार को घेरा
तेजस्वी यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान चर्चित रिशु श्री मामले का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि एक कथित छोटे ठेकेदार को कई विभागों के टेंडर कैसे मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में बड़े स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की गई और कथित प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई।
‘भ्रष्टाचार से सरकारी खजाने पर दबाव’
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार घोटाले सामने आ रहे हैं, जिससे सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ रहा है। उनके अनुसार सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हो रहा है और भ्रष्टाचार के मामलों में कठोर कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही।
जांच एजेंसियों की भूमिका पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि बड़े मामलों में जांच एजेंसियां निष्पक्ष कार्रवाई करने में असफल रही हैं। उनका आरोप था कि छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई होती है, जबकि कथित रूप से प्रभावशाली लोगों तक जांच नहीं पहुंचती।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य सरकार आपातकालीन निधि (इमरजेंसी फंड) का उपयोग कर रही है, जबकि बिहार पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है और केंद्र से अपेक्षित आर्थिक सहयोग भी नहीं मिल रहा।
मुख्यमंत्री पर भी साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वे स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने सरकार की प्रशासनिक कार्यशैली और निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
जमीन लीज और बांस घाट का मुद्दा
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन को कम दर पर लंबी अवधि की लीज पर दिया जा रहा है। उन्होंने बांस घाट स्थित शवदाह गृह और उससे जुड़े शुल्क एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।
नीतीश कुमार पर भी हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी तीखा हमला बोलते हुए उन्हें भ्रष्टाचार का “भीष्म पितामह” बताया। उन्होंने सरकार के समक्ष 20 सवाल रखते हुए रिशु श्री मामले समेत विभिन्न कथित वित्तीय अनियमितताओं पर विस्तृत जवाब देने की मांग की।
फिलहाल, ये सभी आरोप नेता प्रतिपक्ष द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए हैं। सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।


