
भागलपुर: भागलपुर में पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद अजय कुमार मंडल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने सांसद के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रथमदृष्टया सही पाया है और अब अभियोजन स्वीकृति के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने सांसद अजय कुमार मंडल के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति के लिए जिला दंडाधिकारी (डीएम) को पत्र भेजा है। यदि जिला प्रशासन से अनुमति मिल जाती है, तो सांसद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
यह मामला पिछले वर्ष तिलकामांझी थाना क्षेत्र में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। आरोप है कि भागलपुर हवाईअड्डा के समीप कुछ पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना हुई थी, जिसके बाद पत्रकारों की ओर से मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने घटना की जांच शुरू की थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच और पर्यवेक्षण के दौरान पुलिस निरीक्षक की रिपोर्ट में सांसद अजय कुमार मंडल के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को सही पाया गया है। इसी आधार पर अभियोजन की अनुमति मांगी गई है।
एसएसपी द्वारा डीएम को पत्र भेजे जाने के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ मामलों में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सक्षम प्राधिकारी से अभियोजन स्वीकृति आवश्यक होती है। इसी प्रक्रिया के तहत पुलिस ने जिला प्रशासन से अनुमति मांगी है।
अब सबकी निगाहें जिला दंडाधिकारी के फैसले पर टिकी हैं। यदि अभियोजन की स्वीकृति मिलती है, तो सांसद अजय कुमार मंडल को अदालत में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, इस मामले में सांसद अजय कुमार मंडल या उनके प्रतिनिधियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में आगे की कार्रवाई जिला प्रशासन के निर्णय और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।


